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ॐ सगुणाय नमः

सगुणः

Saguṇaḥ

Root: sa + guṇa

Devotion·भक्ति
Meaning

अर्थ

The one with qualities, who takes on divine attributes and form for the sake of devotees

सगुण, जो भक्तों की सहायता के लिए दिव्य गुण और रूप धारण करते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

with, having

सहित, युक्त

गुण

quality, attribute

गुण, विशेषता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

निर्गुण (नाम 35) के तुरन्त बाद सगुण का आना जानबूझकर और दार्शनिक रूप से गहन है। दोनों नाम मिलकर घोषणा करते हैं कि दत्तात्रेय एक साथ निराकार परम और रूप वाले व्यक्तिगत देवता हैं। यह तुलसीदास की रामचरितमानस के प्रसिद्ध उद्घाटन की प्रतिध्वनि करता है: 'निर्गुण और सगुण, एक ही चेतना, अलग-अलग वर्णित।' दत्त परम्परा में निर्गुण और सगुण उपासना के बीच का तनाव दत्तात्रेय में स्वयं ही विलीन हो जाता है। एकनाथ और जनाबाई जैसे दत्तात्रेय-वंश के सन्तों से गहराई से प्रभावित महाराष्ट्र की वारकरी परम्परा दोनों को साथ रखती है।

When to Chant

कब जपें

Chant during murti puja, when seeking the deity's personal grace, or when the heart needs the warmth of a deity with face and form rather than abstract absolute.

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