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ॐ सत्सङ्गप्रियाय नमः

सत्सङ्गप्रियः

Satsaṅgapriyaḥ

Root: sat + saṅga + priya

Devotion·भक्ति
Meaning

अर्थ

The one who loves satsang, who takes special delight in the gathering of sincere seekers in the field of truth

सत्संग से प्रेम करने वाले, जो सत्य के क्षेत्र में सच्चे साधकों के समागम में विशेष आनन्द लेते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

सत्

truth, the real

सत्

संग

association, gathering

संग

प्रिय

dear, beloved

प्रिय

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

सत्संगप्रिय दत्तात्रेय को सत्संग के प्रेमी नाम देता है। परम्परा मानती है कि सत्संग सबसे शक्तिशाली शुद्धिकरण अभ्यास है। दत्तात्रेय सत्संगप्रिय के रूप में इन सभाओं के प्रति अपना विशेष स्नेह घोषित करते हैं: जहाँ भी सच्चे साधक उनके नाम पर मिलते हैं, वे उपस्थित हैं। भारत के समकालीन आध्यात्मिक परिदृश्य में सत्संग आध्यात्मिक समुदाय के सबसे लचीले और सुलभ रूपों में से एक बन गया है।

When to Chant

कब जपें

Chant before entering any satsang gathering, invoking Dattatreya's presence as the one who most loves these gatherings.

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