ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमः
पुण्डरीकाक्षः
Puṇḍarīkākṣaḥ
Root: puṇḍarīka + akṣa
अर्थ
The lotus-eyed one, whose eyes carry the beauty, serenity, and divine depth of the lotus blossom itself
कमल-नेत्र, जिनके नेत्र कमल पुष्प की सुन्दरता, शान्ति और दिव्य गहराई वहन करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
पुण्डरीक
white lotus
पुण्डरीक, श्वेत कमल
अक्ष
eye
अक्ष, नेत्र
आधुनिक संदर्भ
पुण्डरीकाक्ष दत्तात्रेय को सबसे सौन्दर्यपूर्ण वैष्णव विशेषण देता है: कमल-नेत्र। संस्कृत काव्य में कमल-नेत्र सुन्दर, दिव्य आँखों का सर्वोच्च मानक है। सौन्दर्य केवल शारीरिक नहीं: कमल नेत्र उस आँख का भी प्रतीक है जो पानी पर तैरते कमल की तरह बिना भीगे सब देखती है। तिरुपति-तिरुमाला में वेंकटेश्वर देवता की आँखों को विशेष रूप से कमल जैसा बताया जाता है।
कब जपें
ॐChant when meditating on the divine eyes of Dattatreya, or when seeking the lotus-eye quality of pure, unobstructed seeing.
और प्रेम नाम
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