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ॐ प्रेमस्वरूपाय नमः

प्रेमस्वरूपः

Premasvarūpaḥ

Root: prema + svarūpa

Love·प्रेम
Meaning

अर्थ

The one whose essential form is divine love, the universal loving presence that embraces all without preference or condition

जिनका मूल स्वरूप दिव्य प्रेम है, वह सार्वभौमिक प्रेमपूर्ण उपस्थिति जो बिना किसी पक्षपात या शर्त के सभी को आलिंगन देती है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

प्रेम

divine love, unconditional love

प्रेम, दिव्य स्नेह

स्वरूप

essential nature, true form

स्वरूप

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

प्रेमस्वरूप घोषणा करता है कि दत्तात्रेय का मूलभूत स्वभाव केवल आनन्द (आनन्द) नहीं बल्कि प्रेम (प्रेम) है। भक्ति परम्परा में यह दिव्य का सर्वोच्च गुण है: शक्ति नहीं, ज्ञान नहीं, यहाँ तक कि आनन्द भी नहीं, बल्कि प्रेम। दत्तात्रेय के चार कुत्ते इस प्रेमस्वरूप की सबसे कोमल अभिव्यक्ति हैं: उन्होंने सबसे सामाजिक रूप से अस्वीकृत प्राणियों को अपना निकटतम साथी चुना। महाराष्ट्र की आध्यात्मिक शब्दावली में 'दत्त-प्रेमी' (दत्त का प्रेमी) सर्वोच्च सम्मानपूर्ण उपाधि है जो एक भक्त प्राप्त कर सकता है।

When to Chant

कब जपें

Chant when opening the heart in devotional practice, during bhakti satsang, or when seeking the love that needs no object because it is the ground of all objects.

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