ॐ जगदानन्दकारणाय नमः
जगदानन्दकारणः
Jagadānandakāraṇaḥ
Root: jagat + ānanda + kāraṇa
अर्थ
The cause of the world's bliss, the primordial source from which all happiness in any being anywhere ultimately derives
जगत के आनन्द का कारण, वह आदि स्रोत जिससे किसी भी स्थान पर किसी भी प्राणी की सभी खुशियाँ अन्ततः निकलती हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
जगत्
world, all beings
जगत्
आनन्द
bliss, happiness
आनन्द
कारण
cause, source
कारण, स्रोत
आधुनिक संदर्भ
जगदानन्दकारण दत्तात्रेय को जगत के आनन्द का कारण नाम देता है। यह सहस्रनाम में सबसे व्यापक खुशी की घोषणा है। तैत्तिरीय उपनिषद् की प्रसिद्ध शिक्षा: 'आनन्द से ये प्राणी जन्म लेते हैं; आनन्द से जीते हैं; आनन्द में लौटते हैं।' दत्तात्रेय जगदानन्दकारण के रूप में वह आनन्द हैं जो इस सार्वभौमिक जन्म, जीवन और वापसी का कारण है।
कब जपें
ॐChant when recognising that every moment of genuine joy anywhere in creation is caused by Dattatreya's bliss-nature flowing through that being.
और प्रेम नाम
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