ॐ तपस्सिद्धाय नमः
तपस्सिद्धः
Tapasiddhaḥ
Root: tapas + siddha
अर्थ
The one perfected through austerity, who has achieved the supreme realisation through the sustained fire of spiritual practice and inner discipline
तपस्या के माध्यम से सिद्ध हुए, जिन्होंने आध्यात्मिक अभ्यास और आन्तरिक अनुशासन की निरन्तर अग्नि के माध्यम से सर्वोच्च साक्षात्कार प्राप्त किया है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
तपस्
austerity, spiritual discipline
तपस्
सिद्ध
perfected, accomplished
सिद्ध
आधुनिक संदर्भ
तपस्सिद्ध दत्तात्रेय को तपस (तपस्या, आध्यात्मिक अनुशासन) के माध्यम से सिद्ध (पूर्णता प्राप्त) नाम देता है। दत्तात्रेय तपस्सिद्ध के रूप में उस मार्ग की पूर्ण अभिव्यक्ति हैं जो तपस की ओर ले जाता है: न केवल लम्बा अभ्यास बल्कि वह साक्षात्कार जिसकी ओर अभ्यास संकेत कर रहा था। भारत की सिद्धों की परम्परा दत्तात्रेय को मूल तपस्सिद्ध के रूप में मानती है।
कब जपें
ॐChant when undertaking any serious spiritual discipline, invoking the one who has completed the journey through tapas and whose perfection validates the path.
और मोक्ष नाम
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