ॐ सर्वलोकचारिणे नमः
सर्वलोकचारी
Sarvalokacāriṇe
Root: sarva (all) + loka (world, realm) + cārin (wanderer, one who moves)
अर्थ
The one who roams freely across all worlds and realms
सभी लोकों में स्वतन्त्र रूप से विचरण करने वाले, तीनों लोकों के यात्री
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सभी, समस्त
लोक
world, realm, plane
लोक, संसार, भुवन
चारिन्
wanderer, mover, one who traverses
विचरण करने वाला, घूमने वाला
आधुनिक संदर्भ
हनुमान जी पृथ्वी, आकाश और पाताल तीनों लोकों में जा सकते हैं। आज जो लोग घूमने के शौकीन हैं, बाइक पर लद्दाख जाते हैं, ट्रेन से भारत भ्रमण करते हैं, या बैकपैकिंग करके दुनिया देखते हैं, उनके लिए सर्वलोकचारी यात्रा का आशीर्वाद है। चारधाम यात्रा या बारह ज्योतिर्लिंग दर्शन से पहले इस नाम का जप करें।
कब जपें
ॐChant before pilgrimages, long journeys, or any travel. Especially effective before Char Dham Yatra or when relocating to a new city or country.
और मोक्ष नाम
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