ॐ सहस्रमूर्धाय नमः
सहस्रमूर्ध
Sahasramūrdhāya
Root: sahasra (thousand) + mūrdha (head, crown)
अर्थ
The thousand-headed cosmic form of infinite awareness
सहस्र शीर्ष वाले विराट रूप, जिनकी चेतना सर्वव्यापी और अनन्त है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सहस्र
thousand
हज़ार, सहस्र
मूर्ध
head, crown, summit
शीर्ष, मस्तक, चोटी
आधुनिक संदर्भ
सहस्रमूर्ध हनुमान का विराट रूप पुरुष सूक्त से गूँजता है। जब कुम्भ मेले में लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं तो वह सामूहिक चेतना सहस्रमूर्ध का दर्शन है। किसी बड़े संगठन का नेतृत्व करना, जैसे स्कूल प्रिंसिपल या कम्पनी का MD, सभी दिशाओं में ध्यान रखना पड़ता है, वही सहस्र शीर्ष का भाव है।
कब जपें
ॐChant during Kumbh Mela, Purusha Sukta recitation, or when taking on large-scale leadership responsibilities. Ideal during cosmic-themed meditation on full moon nights.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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