ॐ सूर्यचन्द्राग्निरूपायै नमः
सूर्यचन्द्राग्निरूपा
Sūryacandrāgnirūpā
Root: sūrya + candra + agni + rūpā
अर्थ
She whose form is the Sun, Moon, and Fire
जिनका स्वरूप सूर्य, चन्द्र और अग्नि है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सूर्य
sun
सूर्य
चन्द्र
moon
चन्द्र
अग्नि
fire
अग्नि
रूपा
form
रूप
आधुनिक संदर्भ
सूर्यचन्द्राग्निरूपा लक्ष्मी ब्रह्माण्डीय प्रकाश की त्रयी हैं: सूर्य (ऊर्जा और कर्म), चन्द्र (शीतलता और चिन्तन), और अग्नि (परिवर्तन और शुद्धि)। सन्ध्यावन्दन में प्रातः, मध्याह्न और सायं इन तीनों ज्योतियों का आह्वान किया जाता है। आयुर्वेद में स्वास्थ्य पित्त (अग्नि), कफ (चन्द्र-जल) और वात (सूर्य-वायु) के सन्तुलन पर निर्भर है। हर भारतीय रसोई की अग्नि, चाँदनी छत और प्रातःकालीन धूप इस त्रयी के रूप हैं।
कब जपें
ॐChant during sunrise, full moon, fire ritual, elemental meditation, or cosmic visualization.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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