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350

ॐ जगदीश्वराय नमः

जगदीश्वरः

Jagadīśvaraḥ

Root: jagat + īśvara

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

Lord of the universe, the sovereign of all that moves and exists, whose lordship is coextensive with the cosmos and whose presence fills every corner of the living world

जगत के ईश्वर, समस्त चराचर जगत के अधीश्वर, जिनका स्वामित्व ब्रह्माण्ड के साथ सह-विस्तारित है और जिनकी उपस्थिति जीवंत संसार के हर कोने में भरी है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

जगत्

the moving universe, all that exists

जगत्, चराचर जगत्, समस्त अस्तित्व

ईश्वर

lord, God, the supreme sovereign

ईश्वर, प्रभु, परम अधिपति

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

जगदीश्वर (ब्रह्माण्ड के स्वामी) 350वाँ नाम है, एक मील का पत्थर, और इस सहस्रनाम में शिव की संप्रभुता की सबसे पूर्ण अभिव्यक्तियों में से एक है। यह नाम अपने ब्रह्माण्डीय पैमाने के बावजूद एक अंतरंग नाम है: जगदीश्वर जीवित, सांस लेते, चलते-फिरते संसार का देवता है। प्रसिद्ध कन्नड़ कवि बसवण्णा के वचन शिव को 'कूडलसंगमदेव' (नदियों के संगम के भगवान) के रूप में संबोधित करते हैं, जिसमें जगदीश्वर जैसी ही गुणवत्ता है। 350वाँ नाम एक स्वाभाविक विश्रामस्थल है।

When to Chant

कब जपें

Chant at the 350th name milestone to honour Shiva as Jagadīśvara, invoking the full breadth of his sovereignty over the living, moving universe.

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