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ॐ भक्तरक्षकाय नमः

भक्तरक्षकः

Bhaktarakṣakaḥ

Root: bhakta + rakṣaka

Protection·रक्षा
Meaning

अर्थ

Protector of devotees, the divine guardian who takes personal responsibility for the wellbeing of every soul who has turned to him in sincere devotion

भक्तों के रक्षक, वह दिव्य संरक्षक जो सच्ची भक्ति में उनकी ओर मुड़ने वाली प्रत्येक आत्मा के कल्याण की व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

भक्त

devotee, one given over in love

भक्त, समर्पित, प्रेम में लीन

रक्षक

protector, guardian, the one who keeps safe

रक्षक, संरक्षक, सुरक्षित रखने वाला

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

भक्तरक्षक (भक्तों का रक्षक) समग्र सहस्रनाम में व्यक्तिगत रूप से सबसे आश्वस्त करने वाले नामों में से एक है। शैव परंपरा शिव के अपने भक्तों की रक्षा के असाधारण हस्तक्षेपों से भरी है: सोलह वर्ष की आयु में मरने के लिए अभिशप्त युवा भक्त मार्कण्डेय जिन्होंने मृत्यु के क्षण में शिव लिंग को आलिंगन किया। समकालीन भारत में, चिकित्सा संकट के दौरान दैनिक पूजा या महामृत्युंजय पाठ करने वाला परिवार: भक्तरक्षक की सुरक्षा में विश्वास।

When to Chant

कब जपें

Chant to invoke Shiva's unconditional commitment to protecting his devotees, affirming that surrender to Shiva is the most effective form of protection available.

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