ॐ लोकहितकराय नमः
लोकहितकरः
Lokahitakaraḥ
Root: loka + hita + kara
अर्थ
Doer of what is beneficial to the worlds, whose every act, however fierce or gentle, serves the genuine welfare of all beings in all realms
लोकों के लिए हितकर कार्य करने वाले, जिनका प्रत्येक कार्य, चाहे उग्र हो या कोमल, सभी लोकों में सभी प्राणियों के वास्तविक कल्याण की सेवा करता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
लोक
world, realm, the worlds
लोक, जगत, संसार
हित
beneficial, welfare-producing, that which helps
हित, कल्याणकारी, सहायक
कर
doer, maker, the one who causes
कर, कर्ता, करने वाला
आधुनिक संदर्भ
लोकहितकर (लोकों के लिए हितकर कार्य करने वाले) शिव के सार्वभौमिक कल्याण की ओर करुणामय अभिविन्यास को नामित करता है। यह महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह पुष्टि करता है कि शिव की ब्रह्माण्डीय क्रियाएँ, उनकी सबसे विनाशकारी भी, मूलतः लोक-हित की ओर उन्मुख हैं। रामकृष्ण मिशन से सेवा भारती तक, भारत की समाज-सेवा परंपराएँ इसी सिद्धांत से प्रेरणा लेती हैं। जब स्वामी विवेकानंद ने कहा 'दरिद्र नारायण', वे लोकहितकर सिद्धांत को उसके सबसे प्रत्यक्ष सामाजिक रूप में बता रहे थे।
कब जपें
ॐChant to align with Shiva's loka-hita (world-welfare) orientation , invoking the understanding that all genuine service to the world is an expression of Shiva's own nature.
और करुणा नाम
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