Skip to main content
409

ॐ प्रियकराय नमः

प्रियकरः

Priyakaraḥ

Root: priya + kara

Love·प्रेम
Meaning

अर्थ

Maker of what is dear, who creates the conditions for love, friendship, and genuine affection to flourish in the lives of those who live in alignment with his nature

प्रिय का निर्माता, जो प्रेम, मित्रता और वास्तविक स्नेह के पनपने की परिस्थितियाँ बनाते हैं उन लोगों के जीवन में जो उनकी प्रकृति के अनुरूप जीते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

प्रिय

dear, beloved, what is loved and cherished

प्रिय, प्रियतम, जो प्रेमास्पद है

कर

maker, creator, the one who produces

कर, कर्ता, निर्माता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

प्रियकर (प्रिय का निर्माता) शिव को मानवीय संबंधों में वास्तविक प्रेम और प्रियता की गुणवत्ता के निर्माता के रूप में नामित करता है। उपनिषदीय वचन 'सर्वस्य प्रियम् आत्मैवोपदिशति' (सभी कुछ सिखाता है कि आत्मा ही सबसे प्रिय है) एक समान दावा करता है: सभी प्रियता का परम स्रोत आत्मन् है, जो शिव है। भारतीय विवाह परंपराएँ इसे सीधे आह्वान करती हैं: वरमाला का आदान-प्रदान, मंगलसूत्र बाँधना, सप्तपदी। नवजात को धारण करती माँ से लेकर दो सहयोगियों की आजीवन मित्रता तक: स्रोत पर, प्रियकर का उपहार।

When to Chant

कब जपें

Chant to invoke Shiva as the creator of conditions for love and deep relationships, the divine who makes priyatā (dearness, the quality of mutual love) possible in the world.

← → arrow keys to navigate