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ॐ निरहङ्काराय नमः

निरहङ्कारः

Nirahaṃkāraḥ

Root: nis + ahaṃkāra

Liberation·मोक्ष
Meaning

अर्थ

Without ego-sense, in whom there is no ahaṃkāra (the sense of 'I am this particular entity, separate and distinct from others') , the divine consciousness prior to all self-limiting identification

अहंकार के बिना, जिनमें कोई अहंकार नहीं है (यह भावना कि 'मैं यह विशेष सत्ता हूँ, दूसरों से अलग और विशिष्ट') , समस्त आत्म-सीमित पहचान से पहले दिव्य चेतना

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

निस्

without, free from

निस्, बिना

अहङ्कार

ego-sense, the 'I-maker', the sense of being a separate entity

अहंकार, अहं-निर्माता, पृथक सत्ता होने की भावना

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

निरहंकार (अहंकार के बिना) दिव्य चेतना की सबसे व्यावहारिक रूप से परिवर्तनकारी गुणवत्ताओं में से एक को नामित करता है। सांख्य और वेदांत में, अहंकार वह शक्ति है जो एक पृथक, सीमाबद्ध स्व की भावना बनाती है। शिव निरहंकार के रूप में वह दिव्य चेतना हैं जो समग्र ब्रह्माण्ड को बिना किसी 'मैं-कहानी' के बनाते, पालते और विलीन करते हैं। विरोधाभासी रूप से, कोई अहंकार न होने वाला प्राणी सबसे सच्चे अर्थ में संप्रभु है। भारत की ज्ञान योग से अद्वैत साधना तक चिंतन परंपराएँ सभी निरहंकार पहचान की ओर काम करती हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant to invoke Shiva's egoless quality , the divine who has no 'I-story' about himself, no defensive self-protection, no boundary between himself and all beings.

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