ॐ मत्स्यरूपिणे नमः
मत्स्यरूपी
Matsyarūpī
Root: matsya + rūpī
अर्थ
He who incarnated as the divine fish to save the Vedas
मत्स्य (मछली) रूप धारण करने वाले, प्रलय में वेदों के रक्षक
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
मत्स्य
fish
मत्स्य, मछली
रूपी
one who takes the form of
रूप धारण करने वाले
आधुनिक संदर्भ
मत्स्य अवतार विष्णु का पहला अवतार है — जब प्रलय का जल सब कुछ डुबो रहा था, भगवान ने मछली का रूप लेकर मनु की नाव खींची और वेदों को बचाया। यह कथा सिखाती है कि संकट में ज्ञान की रक्षा सबसे पहले होनी चाहिए। जब बाढ़ आए तो पहले किताबें बचाओ, जब देश पर संकट हो तो पहले संस्कृति बचाओ।
कब जपें
ॐChant during Matsya Jayanti, when praying for knowledge preservation, or during natural disasters. Ideal during flood-relief prayers and when starting libraries or cultural archives.
और रक्षा नाम
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