ॐ हृषीकेशाय नमः
हृषीकेश
Hṛṣīkeśa
Root: hṛṣīka + īśa
अर्थ
The lord of the senses who governs every faculty within
इन्द्रियों के ईश (स्वामी), सम्पूर्ण ज्ञानेन्द्रियों और कर्मेन्द्रियों के नियन्ता
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
हृषीक
senses, sense organs
इन्द्रियाँ
ईश
lord, master, controller
ईश, स्वामी
आधुनिक संदर्भ
गीता में अर्जुन कृष्ण को 'हृषीकेश' कहकर सम्बोधित करता है — इन्द्रियों के स्वामी। ऋषिकेश (उत्तराखण्ड) शहर का नाम भी इसी से आता है — योग की राजधानी। हृषीकेश भगवान सब इन्द्रियों के मालिक हैं। जब आँखें बुरा देखने को ललचाएँ, जब कान गपशप सुनना चाहें, जब जिह्वा अस्वास्थ्यकर खाना चाहे — हृषीकेश से इन्द्रिय-संयम माँगें।
कब जपें
ॐChant during yoga practice, when seeking sense-control, or when visiting Rishikesh. Ideal during pranayama, pratyahara meditation, and Gita Chapter 2 study on indriya-nigraha.
और ज्ञान नाम
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