ॐ सर्वधर्मज्ञाय नमः
सर्वधर्मज्ञ
Sarvadharmajña
Root: sarva + dharma + jña
अर्थ
He who perfectly knows every nuance of every righteous duty
सम्पूर्ण धर्मों के ज्ञाता, हर कर्तव्य की सूक्ष्मता को पूर्णतः जानने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
धर्म
duty, righteousness, law
धर्म, कर्तव्य
ज्ञ
knower
ज्ञाता, जानने वाला
आधुनिक संदर्भ
महाभारत में भीष्म कहते हैं 'धर्मस्य तत्त्वं निहितं गुहायाम्' — धर्म का रहस्य गुहा में छिपा है। सर्वधर्मज्ञ भगवान उस गुहा का हर रहस्य जानते हैं। जब दो कर्तव्य टकराएँ — माता-पिता की सेवा या पत्नी का साथ? देश-सेवा या परिवार? — सर्वधर्मज्ञ जानते हैं कौन सा धर्म कब प्राथमिक है। मनुष्य भ्रमित हो सकता है, पर भगवान कभी नहीं।
कब जपें
ॐChant during ethical dilemmas, Mahabharata study, or when dharma's path seems unclear. Ideal during Bhishma Ashtami and when complex moral choices need divine direction.
और ज्ञान नाम
← → arrow keys to navigate