ॐ सर्वानन्दमयाय नमः
सर्वानन्दमय
Sarvānandamaya
Root: sarva + ānanda + maya
अर्थ
He who is entirely made of bliss in every dimension
सम्पूर्ण आनन्द से बने, हर आयाम में आनन्दमय
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, entirely
सम्पूर्ण
आनन्द
bliss, supreme joy
आनन्द
मय
made of, consisting of
से बना, मय
आधुनिक संदर्भ
तैत्तिरीय उपनिषद् कहती है 'आनन्दो ब्रह्मेति व्यजानात्' — भक्त ने जाना कि आनन्द ही ब्रह्म है। सर्वानन्दमय भगवान आनन्द से ही बने हैं — जैसे सूर्य प्रकाश से, वैसे भगवान आनन्द से। उनमें दुख का कोई अंश नहीं, चिन्ता का कोई कण नहीं। 800 के बाद पहला नाम आनन्द-मय — अन्तिम 200 नामों की यात्रा आनन्द से शुरू हो रही है।
कब जपें
ॐChant during bliss meditation, Taittiriya Upanishad study, or when opening the final 200-name stretch. Ideal during Anandavalli study and when bliss is the meditation's sole object.
और प्रेम नाम
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