ॐ सर्वभक्तसमर्चिताय नमः
सर्वभक्तसमर्चित
Sarvabhaktasamarcita
Root: sarva + bhakta + samarcita
अर्थ
He who is equally and devotedly worshipped by every devotee
सम्पूर्ण भक्तों द्वारा समान रूप से भक्तिपूर्वक अर्चित (पूजित)
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब
भक्त
devotee
भक्त
समर्चित
equally worshipped, devotedly honoured
समान रूप से पूजित, भक्तिपूर्वक अर्चित
आधुनिक संदर्भ
समर्चित — समान रूप से अर्चित (पूजित)। सर्वभक्तसमर्चित भगवान — हर भक्त उन्हें अपने तरीके से पूजता है पर प्रेम समान। गरीब भक्त फूल चढ़ाए, अमीर सोना — भगवान दोनों से समान प्रसन्न। बच्चा तुतलाकर प्रार्थना करे, विद्वान संस्कृत में — भगवान दोनों से समान प्रसन्न। अर्चना की विधि भिन्न, भक्ति समान — भगवान भक्ति देखते हैं, विधि नहीं।
कब जपें
ॐChant when worship feels inadequate, during simple home puja, or when the equality of all worship needs affirming. Ideal during community puja where diverse styles unite.
और भक्ति नाम
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