ॐ सर्वभक्तप्रियङ्कराय नमः
सर्वभक्तप्रियङ्कर
Sarvabhaktapriyaṅkara
Root: sarva + bhakta + priyaṅkara
अर्थ
He who actively does what is dearest and best for every devotee
सम्पूर्ण भक्तों का प्रिय (भलाई) सक्रिय रूप से करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
भक्त
devotee
भक्त
प्रियंकर
one who does what is pleasing/beneficial
प्रिय करने वाला
आधुनिक संदर्भ
प्रियंकर — भक्तों का प्रिय (हित) करने वाला। भगवान निष्क्रिय नहीं — सक्रिय रूप से भक्तों की भलाई कर रहे। कृष्ण ने अर्जुन का रथ चलाया (सक्रिय सेवा), राम ने विभीषण को राज्य दिया (सक्रिय भलाई), नरसिंह प्रह्लाद के लिए प्रकट हुए (सक्रिय रक्षा)। सर्वभक्तप्रियंकर हर भक्त के लिए सक्रिय रूप से भलाई करते रहते — background में, चुपचाप, लगातार।
कब जपें
ॐChant when acknowledging divine intervention, during gratitude prayers, or when unseen help becomes visible. Ideal during thanksgiving and when blessings seem divinely arranged.
और करुणा नाम
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