ॐ अनिर्देश्यवपुषे नमः
अनिर्देश्यवपुः
Anirdeśyavapuḥ
Root: a + nirdeśya + vapu
अर्थ
He whose form is beyond all description and definition
जिनके स्वरूप का वर्णन किसी भी शब्द से नहीं हो सकता, अवर्णनीय
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
अ
not, beyond
नहीं
निर्देश्य
describable, definable
वर्णन योग्य, परिभाषित
वपु
form, body, appearance
शरीर, रूप
आधुनिक संदर्भ
कवियों ने हज़ारों भजनों में भगवान का वर्णन किया है, मूर्तिकारों ने लाखों मूर्तियाँ बनाई हैं, चित्रकारों ने अनगिनत चित्र बनाए हैं, फिर भी कोई भगवान के पूर्ण रूप को पकड़ नहीं पाया। राजा रवि वर्मा की पेंटिंग हों या AI-जनरेटेड देवी-देवता चित्र, सब अपूर्ण हैं। अनिर्देश्यवपु बताता है कि भगवान का असली रूप शब्दों और छवियों से परे है।
कब जपें
ॐChant during nirguna (formless) meditation, when words fail to express the divine, or when studying the limits of human description in capturing God.
और मोक्ष नाम
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