ॐ श्रीमते नमः
श्रीमान्
Śrīmān
Root: śrī + mat
अर्थ
The ever-glorious lord adorned with imperishable divine splendour
अविनाशी दिव्य वैभव से सुशोभित, सदा श्रीसम्पन्न
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
श्री
divine glory, Lakshmi, splendour
दिव्य शोभा, लक्ष्मी, वैभव
मान्
possessing
वाला
आधुनिक संदर्भ
श्रीमान चौथी बार आया है (पहले नाम 22, 177, 190)। चार बार दोहराव सहस्रनाम में अभूतपूर्व है और यह दर्शाता है कि 'श्री' (वैभव, शोभा, लक्ष्मी) भगवान विष्णु का सबसे अभिन्न गुण है। 350वाँ नाम 35% मील का पत्थर पर यह बताता है कि सहस्रनाम लौटकर बार-बार श्री पर आता है, जैसे गंगा कितने भी मोड़ लेकर अन्ततः सागर में ही मिलती है।
कब जपें
ॐChant as a milestone prayer at the 350th name, during Lakshmi-Narayan puja, on Fridays, or when the Sahasranama's repetition patterns reveal their inner architecture.
और समृद्धि नाम
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