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ॐ दुर्मर्षणाय नमः

दुर्मर्षणः

Durmarṣaṇaḥ

Root: dur + marṣ

Destruction·संहार
Meaning

अर्थ

He who is completely intolerable for the forces of evil

दुष्ट शक्तियों के लिए पूर्णतः असहनीय, अधर्म का शत्रु

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

दुर्

difficult, impossible

कठिन, असम्भव

मर्षण

to be endured, tolerable

सहनीय

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

दुर्मर्षण दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 232)। पहली बार रावण-कंस के संदर्भ में था, इस बार और व्यापक अर्थ में। अधर्म चाहे व्यक्तिगत हो (झूठ, चोरी) या सामाजिक (भ्रष्टाचार, अन्याय), भगवान उसके लिए असहनीय हैं। जैसे अँधेरा प्रकाश सहन नहीं कर सकता, वैसे ही अधर्म दुर्मर्षण भगवान को सहन नहीं कर सकता। दोहराव कहता है: अधर्म का अन्त निश्चित है, चाहे कितना भी समय लगे।

When to Chant

कब जपें

Chant when adharma feels triumphant, during prayers for justice, when studying the inevitability of dharmic triumph, or when patience with injustice wears thin.

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