ॐ अपवर्गप्रदाय नमः
अपवर्गप्रदः
Apavargapradaḥ
Root: apavarga + prada
अर्थ
The bestower of moksha, the liberator from the cycle of rebirth
मोक्ष (अपवर्ग) प्रदान करने वाले, पुनर्जन्म चक्र से मुक्त करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
अपवर्ग
moksha, liberation, final emancipation
मोक्ष, मुक्ति, परम स्वतन्त्रता
प्रद
bestower, giver
देने वाले
आधुनिक संदर्भ
भारतीय दर्शन के चार पुरुषार्थ हैं: धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष। मोक्ष (अपवर्ग) सबसे ऊँचा लक्ष्य है। अपवर्गप्रद भगवान वो हैं जो यह सर्वोच्च उपहार देते हैं। कर्म-बन्धन, पुनर्जन्म चक्र, और माया का जाल, इन सबसे मुक्ति केवल भगवान दे सकते हैं। जब कोई सन्त 'समाधि' में जाता है और लौटकर कहता है 'मैं मुक्त हूँ,' तो अपवर्गप्रद ने वो मुक्ति दी।
कब जपें
ॐChant when seeking moksha, during Purushartha study, when the four life-goals are contemplated, or when material pursuit feels spiritually inadequate.
और मोक्ष नाम
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