ॐ नारायणाय नमः
नारायणः
Nārāyaṇaḥ
Root: nāra + ayana
अर्थ
The supreme refuge of all beings, dwelling in the cosmic waters
सम्पूर्ण प्राणियों का परम आश्रय, क्षीरसागर में निवास करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
नार
beings, waters
प्राणी, जल
अयन
refuge, abode
आश्रय, निवास
आधुनिक संदर्भ
नारायण दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 255)। पहली बार अष्टाक्षर मन्त्र, बद्रीनारायण, और 'मृत्यु के समय नारायण बोलना' के संदर्भ में था। नारायण सहस्रनाम का हृदय-नाम है। दोहराव बताता है कि 'ॐ नमो नारायणाय' सबसे पूर्ण, सबसे शक्तिशाली, और सबसे सर्वमान्य मन्त्र है। जब सब मन्त्र भूल जाओ, तो बस 'नारायण' बोलो।
कब जपें
ॐChant at all times, during Ashtakshara japa, at Badrinath, at the moment of death, on Ekadashi, or simply whenever the heart needs its simplest and most complete prayer.
और मोक्ष नाम
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