ॐ शब्दातिगाय नमः
शब्दातिगः
Śabdātigaḥ
Root: śabda + ati + ga
अर्थ
He who transcends all description, beyond the reach of every word
हर वर्णन से परे, शब्दों की पहुँच से ऊपर
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शब्द
word, language
शब्द, भाषा
अतिग
transcending, going beyond
परे जाने वाला
आधुनिक संदर्भ
शब्दातिग दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 304)। 486वें नाम तक हम लगभग 500 शब्दों से भगवान का वर्णन कर चुके हैं, और शब्दातिग फिर कहता है: ये सब शब्द पर्याप्त नहीं। यह सहस्रनाम का सबसे विनम्र नाम है: स्वयं अपनी सीमा स्वीकार करना। 1000 नाम भी भगवान को पकड़ने में असमर्थ हैं। फिर भी हम कहते हैं, क्योंकि कहने में ही भक्ति है।
कब जपें
ॐChant during silent meditation, when words fail in devotion, during the Sahasranama's self-reflective moments, or when the naming paradox (naming the unnameable) deepens practice.
और मोक्ष नाम
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