ॐ उत्तारणाय नमः
उत्तारणः
Uttāraṇaḥ
Root: ud + tṛ (causal)
अर्थ
The divine ferryman who carries souls across the ocean of samsara
भवसागर से पार उतारने वाले दिव्य नाविक
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
उत्तारण
deliverer, one who causes to cross over
पार कराने वाले, उद्धारक
आधुनिक संदर्भ
उत्तारण दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 316)। पहली बार 'तारो मोहे श्याम' भजन और संकट से उबरने के संदर्भ में था। 498वें नाम पर उत्तारण आना सम्पूर्ण सहस्रनाम-यात्रा का रूपक है: हम नाम-सागर में तैर रहे हैं और उत्तारण भगवान हमें पार करा रहे हैं। दो नाम बाद 500वाँ (आधा) आएगा। उत्तारण कह रहे हैं: डरो नहीं, मैं पार करा रहा हूँ।
कब जपें
ॐChant when approaching milestones, during bhav-sagar themed bhajans, when the Sahasranama's midpoint nears, or when life's ocean feels too vast to cross alone.
और मोक्ष नाम
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