ॐ सर्वाय नमः
सर्वः
Sarvaḥ
Root: sarva
अर्थ
The totality of all existence, the all-inclusive divine reality
सम्पूर्ण अस्तित्व का योग, सबको समाहित करने वाली दिव्य सत्ता
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, everything, totality
सब, सम्पूर्ण
आधुनिक संदर्भ
सर्व तीसरी बार आया है (पहले नाम 25 और 227)। केशव (507), पुरुषोत्तम (508), सर्व (509) तीनों तीसरी बार आए हैं और यह शुरुआत (23-25) का तीसरा प्रतिबिम्ब है। गांधी जी का 'सर्वधर्म समभाव' इसी 'सर्व' से निकला। सहस्रनाम कह रहा है: शुरू में जो सत्य था (सब कुछ भगवान है), बीच में भी वही था, और अब दूसरे अर्ध में भी वही है। अपरिवर्तनीय सत्य।
कब जपें
ॐChant during interfaith gatherings, when Sarva Dharma Samabhav is practiced, during the triple Keshava-Purushottama-Sarva meditation, or when all-inclusiveness is the spiritual need.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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