ॐ पुरुषोत्तमाय नमः
पुरुषोत्तमः
Puruṣottamaḥ
Root: puruṣa + uttama
अर्थ
The supreme person transcending both the perishable and imperishable
क्षर और अक्षर दोनों से परे, पुरुषों में उत्तम, परमपुरुष
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
पुरुष
person, being
पुरुष
उत्तम
highest, supreme
सर्वश्रेष्ठ
आधुनिक संदर्भ
पुरुषोत्तम तीसरी बार आया है (पहले नाम 24 और 226)। गीता का पन्द्रहवाँ अध्याय 'पुरुषोत्तम योग' इसी पर है। तीन बार दोहराव शुरुआत (24), मध्य (226), और अब (508) पर दर्शाता है कि पूरे सहस्रनाम में 'पुरुषोत्तम' गूँज रहा है। पुरी (पुरुषोत्तम क्षेत्र) की रथयात्रा दुनिया का सबसे बड़ा रथ-उत्सव है। तीन बार पुरुषोत्तम = तीन बार पुरी की रथयात्रा का जयकारा।
कब जपें
ॐChant during Rath Yatra, Gita Chapter 15 study, Purushottam Maas, or when the triple Puruṣottama creates a structural resonance that spans the entire spiritual journey.
और मोक्ष नाम
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