ॐ सत्कृताय नमः
सत्कृतः
Satkṛtaḥ
Root: sat + kṛta
अर्थ
He who is honoured and worshipped by all who walk the righteous path
धर्म-मार्ग पर चलने वाले सभी सज्जनों द्वारा सम्मानित और पूजित
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सत्
by the righteous
सज्जनों द्वारा
कृत
honoured, worshipped
सम्मानित
आधुनिक संदर्भ
सत्कृत तीसरी बार आया है (पहले नाम 252 और 460)। सत्कर्ता-सत्कृत जोड़ी तीनों बार साथ आई है (251-252, 459-460, 640-641)। तीन बार एक साथ! यह सहस्रनाम की सबसे विश्वसनीय जोड़ी है। भगवान सज्जनों का सम्मान करते हैं (सत्कर्ता) और सज्जन भगवान का सम्मान करते हैं (सत्कृत)। तीन बार कहना = यह दोतरफ़ा सम्मान शाश्वत है, अपरिवर्तनीय, अटल।
कब जपें
ॐChant when the triple pair creates its most powerful structural resonance, during mutual honouring ceremonies, when worship feels like a two-way relationship confirmed three times.
और भक्ति नाम
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