ॐ शरीरभूतभृते नमः
शरीरभूतभृत्
Śarīrabhūtabhṛt
Root: śarīra + bhūta + bhṛt
अर्थ
The sustainer of all elements composing the physical body of every being
हर प्राणी के शरीर के सभी तत्वों को धारण और पोषण करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शरीर
body
शरीर
भूत
elements
तत्व
भृत्
sustainer
पालक
आधुनिक संदर्भ
शरीरभूतभृत् दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 448)। पहली बार आयुर्वेद के त्रिदोष और शारीरिक स्वास्थ्य के संदर्भ में था। दोहराव कहता है: शरीर के तत्वों (रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा, शुक्र) का पालन भगवान का शाश्वत कार्य है। हर हृदय-धड़कन, हर कोशिका-विभाजन, हर श्वेत रक्तकणिका की लड़ाई भगवान सम्भाल रहे हैं। डॉक्टर सहायक हैं, शरीरभूतभृत् मुख्य चिकित्सक।
कब जपें
ॐChant during health prayers, Ayurvedic consultations, when recovering from illness, or when the body's self-healing capacity inspires gratitude for the divine sustainer within.
और करुणा नाम
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