ॐ जितामित्राय नमः
जितामित्रः
Jitāmitraḥ
Root: jita + amitra
अर्थ
The one who has conquered every enemy including the internal foes of the soul
जिन्होंने आत्मा के आन्तरिक शत्रुओं सहित हर शत्रु पर विजय पाई है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
जित
conquered
जीता हुआ
अमित्र
enemy, foe
शत्रु
आधुनिक संदर्भ
जितामित्र भगवान ने सब शत्रुओं को जीता है: बाह्य (राक्षस, असुर) और आन्तरिक (काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मात्सर्य = षड्रिपु)। गीता कहती है असली युद्ध बाहर नहीं, भीतर है। जितामित्र बाहरी शत्रुओं (हिरण्यकशिपु, रावण, कंस) और आन्तरिक शत्रुओं (षड्रिपु) दोनों पर विजयी हैं। यह 777वाँ नाम (शुभ संख्या!) कहता है: भगवान सब शत्रुओं से पहले ही जीत चुके हैं।
कब जपें
ॐChant as the 777th NAME (triple-7 auspiciousness), during shadripu meditation, when inner and outer enemies need simultaneous conquest, or when 'already won' becomes the battle cry.
और साहस नाम
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