ॐ शब्दातिगाय नमः
शब्दातिगः
Śabdātigaḥ
Root: śabda + ati + ga
अर्थ
He who transcends every word, beyond the reach of all language and description
हर शब्द से परे, सम्पूर्ण भाषा और वर्णन की पहुँच से ऊपर
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शब्द
word, language
शब्द
अतिग
transcending
परे जाने वाला
आधुनिक संदर्भ
शब्दातिग तीसरी बार आया है (पहले नाम 304 और 486)। तीन बार 'शब्दों से परे!' 838 नाम कह चुके और शब्दातिग फिर कहता है: ये सब अपर्याप्त हैं। यह सहस्रनाम का सबसे विनम्र नाम है: स्वयं अपनी सीमा स्वीकारना। 1000 नाम भी भगवान को पकड़ नहीं सकते। फिर भी कहते हैं, क्योंकि कहने में ही भक्ति है। तीसरी बार = तीसरी बार विनम्रता।
कब जपें
ॐChant during silent meditation, when words fail, or when the triple naming-paradox deepens the practice of naming the unnameable.
और मोक्ष नाम
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