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Chalisa

Shukra Chalisa

शुक्र चालीसा

The Shukra Chalisa is a devotional hymn dedicated to Shukra Dev, the Venus deity, descendant of Bhrigu and Guru of the Daityas, associated with beauty, art, relationship, refinement, prosperity, fertility, and wise enjoyment. This structured version contains 1 opening doha, 40 chaupais, and 1 closing doha, totaling 42 verses.

देवता: Shukra
42 श्लोक
Traditional / Devotional Compilation
Friday · During Shukra graha shanti

शुक्र चालीसा शुक्र देव को समर्पित भक्ति स्तोत्र है। वे भृगुनन्दन, दैत्यगुरु, सौंदर्य, कला, संबंध, परिष्कार, समृद्धि, प्रजनन शक्ति और विवेकयुक्त भोग से जुड़े हैं। इस संरचित संस्करण में 1 आरंभिक दोहा, 40 चौपाइयाँ और 1 समापन दोहा है, कुल 42 पद।

doha opening
Verse 1

शुक्र देव भृगुनन्दन, दैत्य गुरु सुखधाम। कला धन सौभाग्य दो, सिद्ध करो शुभ काम॥

śukra deva bhṛgunandana, daitya guru sukhadhāma. kalā dhana saubhāgya do, siddha karo śubha kāma.

अर्थ

हे शुक्र देव भृगुनन्दन, दैत्य गुरु सुखधाम, कला, धन, सौभाग्य दें और शुभ कार्य सिद्ध करें।

Meaning

O Shukra Dev, descendant of Bhrigu and Guru of the Daityas, grant art, wealth, fortune, and success in auspicious works.

chaupai
Verse 2

जय जय शुक्र देव सुखकारी। भृगुनन्दन तुम दैत्याचारी॥

जय जय शुक्र देव सुखकारी भृगुनन्दन तुम दैत्याचारी

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Shukra Dev, giver of comfort, descendant of Bhrigu and teacher of daityas.

chaupai
Verse 3

उशना कवि नाम तुम्हारा। नीति ज्ञान का दीप अपारा॥

उशना कवि नाम तुम्हारा नीति ज्ञान का दीप अपारा

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Known as Ushanas Kavi, you are a boundless lamp of policy and wisdom.

chaupai
Verse 4

श्वेत वर्ण शुभ तेज धारी। सौंदर्य सुधा बरसाने वाली॥

श्वेत वर्ण शुभ तेज धारी सौंदर्य सुधा बरसाने वाली

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your white radiance showers nectar of beauty.

chaupai
Verse 5

शुक्रवार व्रत जो जन करई। सुख सौभाग्य जीवन भरई॥

शुक्रवार व्रत जो जन करई सुख सौभाग्य जीवन भरई

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Those who observe Friday vrata receive happiness and fortune.

chaupai
Verse 6

चावल दही मिश्री चढ़ावै। शुक्र कृपा घर में आवै॥

चावल दही मिश्री चढ़ावै शुक्र कृपा घर में आवै

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Offering rice, curd, and sugar invokes Shukra’s grace.

chaupai
Verse 7

वृष तुला के स्वामी ज्ञानी। सम्बंधों के तुम वरदानी॥

वृष तुला के स्वामी ज्ञानी सम्बंधों के तुम वरदानी

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Wise lord of Taurus and Libra, giver of relationship blessings.

chaupai
Verse 8

कला संगीत सुगंध तुम्हारी। श्रृंगार सुधा जगत उजियारी॥

कला संगीत सुगंध तुम्हारी श्रृंगार सुधा जगत उजियारी

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Art, music, fragrance, and refined beauty shine through you.

chaupai
Verse 9

दाम्पत्य सुख तुमसे मिलता। प्रेम कमल हृदय में खिलता॥

दाम्पत्य सुख तुमसे मिलता प्रेम कमल हृदय में खिलता

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Marital happiness comes through you, and love-lotuses bloom.

chaupai
Verse 10

शुक्र दोष सब दूर कराओ। स्नेह मधुरता घर में लाओ॥

शुक्र दोष सब दूर कराओ स्नेह मधुरता घर में लाओ

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Remove Shukra afflictions and bring affection and sweetness at home.

chaupai
Verse 11

धन वैभव का संतुलन देना। भोग में योग का चिंतन देना॥

धन वैभव का संतुलन देना भोग में योग का चिंतन देना

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Give balance in wealth and contemplation of yoga within enjoyment.

chaupai
Verse 12

संजीवनी विद्या के दाता। मृत आशा को जीवन दाता॥

संजीवनी विद्या के दाता मृत आशा को जीवन दाता

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

You are giver of Sanjivani wisdom, reviving dead hope.

chaupai
Verse 13

कठिन रोग में आशा जगाओ। तन मन को आराम दिलाओ॥

कठिन रोग में आशा जगाओ तन मन को आराम दिलाओ

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Awaken hope in hard illness and bring relief to body and mind.

chaupai
Verse 14

दृष्टि तुम्हारी सुख बरसावे। वाणी मधुर प्रेम बढ़ावे॥

दृष्टि तुम्हारी सुख बरसावे वाणी मधुर प्रेम बढ़ावे

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your glance showers comfort; sweet speech increases love.

chaupai
Verse 15

काव्य चित्र अलंकार तुम्हारा। रूप रस का तुम भंडारा॥

काव्य चित्र अलंकार तुम्हारा रूप रस का तुम भंडारा

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Poetry, painting, ornamentation, form, and rasa belong to you.

chaupai
Verse 16

अत्यधिक भोग से बचवाओ। संयम का शुभ मार्ग बताओ॥

अत्यधिक भोग से बचवाओ संयम का शुभ मार्ग बताओ

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Protect from excess indulgence and show restraint.

chaupai
Verse 17

नारी मान की रक्षा करना। प्रेम को पवित्रता से भरना॥

नारी मान की रक्षा करना प्रेम को पवित्रता से भरना

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Protect women’s dignity and fill love with purity.

chaupai
Verse 18

गृहस्थ जीवन सफल बनाओ। विश्वास दीप सदा जलवाओ॥

गृहस्थ जीवन सफल बनाओ विश्वास दीप सदा जलवाओ

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Make household life successful and keep the lamp of trust lit.

chaupai
Verse 19

व्यापार में आकर्षण देना। न्याययुक्त लाभ भी देना॥

व्यापार में आकर्षण देना न्याययुक्त लाभ भी देना

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Give attractiveness in business and righteous profit.

chaupai
Verse 20

आभूषण में शुभता भर दो। विलास को सेवा पथ कर दो॥

आभूषण में शुभता भर दो विलास को सेवा पथ कर दो

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Fill ornaments with auspiciousness and make luxury serve good.

chaupai
Verse 21

कठिन संबंध सुलझा देना। रूठे मन को प्रेम से लेना॥

कठिन संबंध सुलझा देना रूठे मन को प्रेम से लेना

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Resolve difficult relationships and heal estranged hearts.

chaupai
Verse 22

शुक्र मंत्र जो प्रेम से गावे। दरिद्र दुख सब दूर भगावे॥

शुक्र मंत्र जो प्रेम से गावे दरिद्र दुख सब दूर भगावे

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

One who chants Shukra mantra with love removes poverty and sorrow.

chaupai
Verse 23

सुगंधित पुष्प अर्पण लीजै। हृदय में कोमलता दीजै॥

सुगंधित पुष्प अर्पण लीजै हृदय में कोमलता दीजै

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Accept fragrant flowers and place tenderness in the heart.

chaupai
Verse 24

नेत्र ज्योति सौंदर्य बढ़ाओ। शुभ दृष्टि जीवन में लाओ॥

नेत्र ज्योति सौंदर्य बढ़ाओ शुभ दृष्टि जीवन में लाओ

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Increase beauty of vision and bring auspicious outlook.

chaupai
Verse 25

कला उद्योग में सिद्धि देना। कौशल को बाजार भी देना॥

कला उद्योग में सिद्धि देना कौशल को बाजार भी देना

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Grant success in creative industries and market to skill.

chaupai
Verse 26

राग द्वेष से मन बचवाओ। प्रेम को धर्ममय बनवाओ॥

राग द्वेष से मन बचवाओ प्रेम को धर्ममय बनवाओ

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Protect the mind from attachment-aversion and make love dharmic.

chaupai
Verse 27

शुक्ल प्रभा चित्त में छाए। अशुभ विचार स्वयं मिट जाए॥

शुक्ल प्रभा चित्त में छाए अशुभ विचार स्वयं मिट जाए

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Let white radiance fill the mind and remove inauspicious thoughts.

chaupai
Verse 28

संतान सुख और कुल उजियारा। देहु शुक्र वरदान तुम्हारा॥

संतान सुख और कुल उजियारा देहु शुक्र वरदान तुम्हारा

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Grant joy of children and family brightness.

chaupai
Verse 29

विवाह योग्य जन हितकारी। मंगल बंधन करो सुखकारी॥

विवाह योग्य जन हितकारी मंगल बंधन करो सुखकारी

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Bless those seeking marriage and make sacred bonds happy.

chaupai
Verse 30

ऋण और अपव्यय दूर कराओ। धन को नियोजन सिखलाओ॥

ऋण और अपव्यय दूर कराओ धन को नियोजन सिखलाओ

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Remove debt and wastefulness; teach financial planning.

chaupai
Verse 31

भोग लोभ का अंत करीजै। संतोष सुधा हृदय में दीजै॥

भोग लोभ का अंत करीजै संतोष सुधा हृदय में दीजै

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

End indulgent greed and give nectar of contentment.

chaupai
Verse 32

गुरुता तुम्हारी नीति सिखाती। शत्रु को भी राह दिखाती॥

गुरुता तुम्हारी नीति सिखाती शत्रु को भी राह दिखाती

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your Guru-nature teaches policy and even guides opponents.

chaupai
Verse 33

दुर्भाग्य का तम दूर भगाओ। सौभाग्य दीपक फिर जलाओ॥

दुर्भाग्य का तम दूर भगाओ सौभाग्य दीपक फिर जलाओ

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Remove misfortune’s darkness and relight fortune’s lamp.

chaupai
Verse 34

जो शुक्र चालीसा नित गावे। कला धन यश शुभ फल पावे॥

जो शुक्र चालीसा नित गावे कला धन यश शुभ फल पावे

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Whoever sings Shukra Chalisa daily receives art, wealth, and good fame.

chaupai
Verse 35

शुक्र कवच सा नाम तुम्हारा। भक्तन का यह शुभ सहारा॥

शुक्र कवच सा नाम तुम्हारा भक्तन का यह शुभ सहारा

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your name is like a protective Shukra kavach for devotees.

chaupai
Verse 36

विवेक सहित वैभव दिलाओ। अहंकार से सदा बचाओ॥

विवेक सहित वैभव दिलाओ अहंकार से सदा बचाओ

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Grant wealth with discernment and protect from ego.

chaupai
Verse 37

माता लक्ष्मी संग तुम्हारा। समृद्धि का निर्मल उजियारा॥

माता लक्ष्मी संग तुम्हारा समृद्धि का निर्मल उजियारा

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your grace aligns with Lakshmi’s pure light of prosperity.

chaupai
Verse 38

अंत समय हरि स्मरण दिलाओ। सुख से पारगति पहुँचाओ॥

अंत समय हरि स्मरण दिलाओ सुख से पारगति पहुँचाओ

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

At the end, grant remembrance of Hari and peaceful passage.

chaupai
Verse 39

भक्त तुम्हारे चरण निहारें। शुक्र देव सब क्लेश निवारे॥

भक्त तुम्हारे चरण निहारें शुक्र देव सब क्लेश निवारे

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Devotees behold your feet; Shukra Dev removes afflictions.

chaupai
Verse 40

जय भृगुनन्दन नीति दाता। करो कृपा सुखफल प्रदाता॥

जय भृगुनन्दन नीति दाता करो कृपा सुखफल प्रदाता

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Bhrigu’s descendant, giver of policy and happiness.

chaupai
Verse 41

शुक्र देव रक्षा करीजै। जीवन में शुभ श्री भर दीजै॥

शुक्र देव रक्षा करीजै जीवन में शुभ श्री भर दीजै

अर्थ

यह पद शुक्र देव की सौंदर्य, कला, संबंध, सौभाग्य, धन और संयमयुक्त भोग की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

O Shukra Dev, protect us and fill life with auspicious Shri.

doha closing
Verse 42

शुक्र देव कृपा करो, दो प्रेम विचार। वैभव को शुभ मार्ग दो, कर दो जीवन सार॥

śukra deva kṛpā karo, do prema vicāra. vaibhava ko śubha mārga do, kara do jīvana sāra.

अर्थ

हे शुक्र देव, प्रेम और विवेक दें। वैभव को शुभ मार्ग दें और जीवन को सार्थक करें।

Meaning

O Shukra Dev, grant love with discernment. Guide splendor toward auspiciousness and make life meaningful.

Shukra Chalisa

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