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Chalisa

Yamraj Chalisa

यमराज चालीसा

The Yamraj Chalisa is a devotional hymn dedicated to Lord Yamraj, also revered as Dharmaraj, the impartial lord of justice, karma, mortality awareness, righteous accountability, and the path of good passage. This structured version contains 1 opening doha, 40 chaupais, and 1 closing doha, totaling 42 verses.

देवता: Yamraj
42 श्लोक
Traditional / Devotional Compilation
Yama Dwitiya / Bhai Dooj · Amavasya ancestor prayers

यमराज चालीसा भगवान यमराज को समर्पित भक्ति स्तोत्र है, जिन्हें धर्मराज, न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, नैतिक उत्तरदायित्व और सद्गति के अधिपति के रूप में पूजा जाता है। इस संरचित संस्करण में 1 आरंभिक दोहा, 40 चौपाइयाँ और 1 समापन दोहा है, कुल 42 पद।

doha opening
Verse 1

यमराज धर्मराज प्रभु, न्याय धुरी निष्पक्ष। सत्य कर्म का बोध दो, कटे अधर्म अशेष॥

yamarāja dharmarāja prabhu, nyāya dhurī niṣpakṣa. satya karma kā bodha do, kaṭe adharma aśeṣa.

अर्थ

हे यमराज धर्मराज प्रभु, न्याय की निष्पक्ष धुरी, सत्य कर्म का बोध दें और अधर्म का नाश करें।

Meaning

O Yamaraj Dharmaraj, impartial axis of justice, grant understanding of true karma and remove all adharma.

chaupai
Verse 2

जय यमराज धर्म अधिकारी। सत्य न्याय के तुम रखवाली॥

जय यमराज धर्म अधिकारी सत्य न्याय के तुम रखवाली

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Yamaraj, authority of dharma and protector of truth and justice.

chaupai
Verse 3

काल दंड कर में सुहावै। कर्म लेख सबको बतलावै॥

काल दंड कर में सुहावै कर्म लेख सबको बतलावै

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your staff of time reveals everyone’s karmic record.

chaupai
Verse 4

महिष वाहन गंभीर तुम्हारा। भय में भी है न्याय सहारा॥

महिष वाहन गंभीर तुम्हारा भय में भी है न्याय सहारा

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your buffalo mount is solemn; even in fear, justice is support.

chaupai
Verse 5

चित्रगुप्त संग लेखा रखते। कर्म फल का विधान बताते॥

चित्रगुप्त संग लेखा रखते कर्म फल का विधान बताते

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

With Chitragupta, you keep accounts and explain the law of karma.

chaupai
Verse 6

न निष्पक्षता छोड़ो नाथा। राजा रंक सभी सम साथा॥

न निष्पक्षता छोड़ो नाथा राजा रंक सभी सम साथा

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

You never abandon impartiality; kings and paupers are equal before you.

chaupai
Verse 7

यमलोक में न्याय तुम्हारा। धर्म तराजू अति उजियारा॥

यमलोक में न्याय तुम्हारा धर्म तराजू अति उजियारा

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your justice shines in Yamaloka through the scales of dharma.

chaupai
Verse 8

पुण्य पाप का लेख खुलाओ। जीवन का सच सामने लाओ॥

पुण्य पाप का लेख खुलाओ जीवन का सच सामने लाओ

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

You reveal the record of virtue and sin and show life’s truth.

chaupai
Verse 9

मृत्यु भय जो मन में छाया। धर्म स्मरण से वह मिट पाया॥

मृत्यु भय जो मन में छाया धर्म स्मरण से वह मिट पाया

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Fear of death fades through remembrance of dharma.

chaupai
Verse 10

अच्छे कर्म का फल दिलाते। दुष्कर्मों से जन बचाते॥

अच्छे कर्म का फल दिलाते दुष्कर्मों से जन बचाते

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

You grant fruits of good action and warn against wrongdoing.

chaupai
Verse 11

नचिकेता को ज्ञान दिया था। आत्मतत्त्व का मार्ग किया था॥

नचिकेता को ज्ञान दिया था आत्मतत्त्व का मार्ग किया था

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

You gave wisdom to Nachiketa and revealed the path of the Self.

chaupai
Verse 12

कठोपनिषद महिमा गाती। यम विद्या मुक्ति दिलाती॥

कठोपनिषद महिमा गाती यम विद्या मुक्ति दिलाती

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

The Katha Upanishad sings your wisdom that leads to liberation.

chaupai
Verse 13

दक्षिण दिशा के तुम स्वामी। धैर्य न्याय के अंतर्यामी॥

दक्षिण दिशा के तुम स्वामी धैर्य न्याय के अंतर्यामी

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

You are lord of the south and knower of patience and justice.

chaupai
Verse 14

श्राद्ध कर्म में स्मरण तुम्हारा। पितृ पथ का शुभ सहारा॥

श्राद्ध कर्म में स्मरण तुम्हारा पितृ पथ का शुभ सहारा

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

In shraddha rites, your remembrance supports the ancestors’ path.

chaupai
Verse 15

अकाल मृत्यु भय हर लीजै। सदकर्मों की प्रेरणा दीजै॥

अकाल मृत्यु भय हर लीजै सदकर्मों की प्रेरणा दीजै

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Remove fear of untimely death and inspire good deeds.

chaupai
Verse 16

जीवन क्षणभंगुर बतलाते। समय मूल्य का बोध कराते॥

जीवन क्षणभंगुर बतलाते समय मूल्य का बोध कराते

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

You teach life’s impermanence and the value of time.

chaupai
Verse 17

अहंकार का दर्प मिटाओ। विनय धर्म हृदय बसाओ॥

अहंकार का दर्प मिटाओ विनय धर्म हृदय बसाओ

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Remove pride and place humility and dharma in the heart.

chaupai
Verse 18

जो सत्य मार्ग पर चलता। यमराज भी उसको फल देता॥

जो सत्य मार्ग पर चलता यमराज भी उसको फल देता

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

One who walks the path of truth receives just reward.

chaupai
Verse 19

झूठ कपट से दूर रखीजै। वाणी कर्म निर्मल कीजै॥

झूठ कपट से दूर रखीजै वाणी कर्म निर्मल कीजै

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Keep us away from falsehood and purify speech and action.

chaupai
Verse 20

माता पिता सेवा करवाओ। बुजुर्गों का मान बढ़ाओ॥

माता पिता सेवा करवाओ बुजुर्गों का मान बढ़ाओ

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Inspire service to parents and respect for elders.

chaupai
Verse 21

अंतिम क्षण में धैर्य दिलाना। हरि स्मरण मुख पर आना॥

अंतिम क्षण में धैर्य दिलाना हरि स्मरण मुख पर आना

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

At the final moment, grant courage and remembrance of Hari.

chaupai
Verse 22

भयभीत जन को समझ दिलाओ। मृत्यु को मार्ग नया बतलाओ॥

भयभीत जन को समझ दिलाओ मृत्यु को मार्ग नया बतलाओ

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Give understanding to the fearful and reveal death as passage.

chaupai
Verse 23

कर्मभूमि में धर्म निभाएँ। लोकहित में जीवन लगाएँ॥

कर्मभूमि में धर्म निभाएँ लोकहित में जीवन लगाएँ

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Help us uphold dharma in the field of action and serve the world.

chaupai
Verse 24

यमदूत भी आज्ञा मानें। धर्म नियम को जग पहिचानें॥

यमदूत भी आज्ञा मानें धर्म नियम को जग पहिचानें

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Even Yama’s messengers obey your command; the world knows dharma’s law.

chaupai
Verse 25

कठिन न्याय में सत्य बचाओ। निर्दोष जन को राहत दिलाओ॥

कठिन न्याय में सत्य बचाओ निर्दोष जन को राहत दिलाओ

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Protect truth in hard justice and give relief to the innocent.

chaupai
Verse 26

दुष्ट हृदय में भय जगाओ। सज्जन मन में धैर्य बढ़ाओ॥

दुष्ट हृदय में भय जगाओ सज्जन मन में धैर्य बढ़ाओ

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Awaken fear in wrongdoers and courage in the good.

chaupai
Verse 27

राजधर्म का पाठ पढ़ाओ। शासन में निष्पक्षता लाओ॥

राजधर्म का पाठ पढ़ाओ शासन में निष्पक्षता लाओ

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Teach rulers governance and impartiality.

chaupai
Verse 28

जो यम नाम श्रद्धा से गावे। कर्म विचार हृदय में पावे॥

जो यम नाम श्रद्धा से गावे कर्म विचार हृदय में पावे

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Who chants Yama’s name with faith gains karmic reflection.

chaupai
Verse 29

काला तिल जल अर्पण करई। पितृ तृप्ति का भाव धरई॥

काला तिल जल अर्पण करई पितृ तृप्ति का भाव धरई

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Offering sesame and water honors ancestors and karmic continuity.

chaupai
Verse 30

धर्मराज से विनय हमारी। सद्बुद्धि दो हे न्यायकारी॥

धर्मराज से विनय हमारी सद्बुद्धि दो हे न्यायकारी

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Our prayer to Dharmaraj: grant wisdom, O just one.

chaupai
Verse 31

रोगी जन को शांति देना। परिजन को धैर्य भी देना॥

रोगी जन को शांति देना परिजन को धैर्य भी देना

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Give peace to the ill and patience to their families.

chaupai
Verse 32

जीवन में अनुशासन आओ। व्यर्थ समय सब दूर हटाओ॥

जीवन में अनुशासन आओ व्यर्थ समय सब दूर हटाओ

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Bring discipline to life and remove wasted time.

chaupai
Verse 33

भोग मोह में फँसे जो प्राणी। यम स्मरण दे बुद्धि सयानी॥

भोग मोह में फँसे जो प्राणी यम स्मरण दे बुद्धि सयानी

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Those trapped in indulgence gain wise awareness through Yama’s remembrance.

chaupai
Verse 34

दान पुण्य का भाव जगाओ। कठोर हृदय को कोमल बनाओ॥

दान पुण्य का भाव जगाओ कठोर हृदय को कोमल बनाओ

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Awaken charity and make hard hearts soft.

chaupai
Verse 35

संतुलित जीवन राह बताओ। ऋण कर्म सब शीघ्र चुकाओ॥

संतुलित जीवन राह बताओ ऋण कर्म सब शीघ्र चुकाओ

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Show balanced living and help settle karmic debts.

chaupai
Verse 36

जो चालीसा प्रेम से पढ़ता। मृत्यु भय मन से घटता॥

जो चालीसा प्रेम से पढ़ता मृत्यु भय मन से घटता

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Whoever reads this Chalisa with love reduces fear of death.

chaupai
Verse 37

सत्य न्याय का दीप जलाना। अंतर्मन को साक्षी बनाना॥

सत्य न्याय का दीप जलाना अंतर्मन को साक्षी बनाना

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Light the lamp of truth and justice and make conscience the witness.

chaupai
Verse 38

अंत समय तुम कृपा दिखाना। धर्म मार्ग से पार लगाना॥

अंत समय तुम कृपा दिखाना धर्म मार्ग से पार लगाना

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

At the end, show grace and guide through the path of dharma.

chaupai
Verse 39

भक्त तुम्हारे चरण निहारें। यमराज सब भय निवारे॥

भक्त तुम्हारे चरण निहारें यमराज सब भय निवारे

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Devotees behold your feet; Yamaraj removes fear.

chaupai
Verse 40

जय धर्मराज न्याय प्रकाशा। मिटे अधर्म अज्ञान निराशा॥

जय धर्मराज न्याय प्रकाशा मिटे अधर्म अज्ञान निराशा

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Dharmaraj, light of justice, remover of adharma and ignorance.

chaupai
Verse 41

करो कृपा हे काल अधिकारी। सद्गति दो सब जीव हमारी॥

करो कृपा हे काल अधिकारी सद्गति दो सब जीव हमारी

अर्थ

यह पद यमराज धर्मराज की न्याय, कर्मफल, मृत्यु-जागरूकता, सत्य और सद्गति की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Show grace, Lord of Time, and grant good passage to all beings.

doha closing
Verse 42

यमराज धर्मराज कर, न्याय कृपा विस्तार। सत्य कर्म में मन लगे, मिले सद्गति द्वार॥

yamarāja dharmarāja kara, nyāya kṛpā vistāra. satya karma meṁ mana lage, mile sadgati dvāra.

अर्थ

हे यमराज धर्मराज, न्याय-कृपा का विस्तार करें। मन सत्य कर्म में लगे और सद्गति का द्वार मिले।

Meaning

O Yamaraj Dharmaraj, expand the grace of justice. May the mind remain in true action and attain the doorway of good passage.

Yamraj Chalisa

Traditional / Devotional Compilation

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