सर्वव्यापी मंत्रUniversal & Cosmic
कुछ मंत्र निराकार ब्रह्म, ब्रह्मांडीय व्यवस्था, या प्रकृति की वैदिक शक्तियों को संबोधित करते हैं, जो किसी एक देवता से परे हैं, प्रणव ॐ से लेकर शांति एवं तत्त्वों के स्तोत्रों तक। ये जप परमात्मा का उसके सर्वव्यापी रूप में आवाहन करते हैं। नीचे सर्वव्यापी एवं ब्रह्मांडीय मंत्र प्रस्तुत हैं।
30 पाठ
- अघमर्षण सूक्तम्Aghamarshana Suktam
- अग्नि सूक्तम्Agni Suktam
- आपः सूक्तम्Apah Suktam
- ॐAUM Beej Mantra
- आयुष्य सूक्तम्Ayushya Suktam
- ब्रह्मा आरतीBrahma Aarti
- ब्रह्माण्ड कवचBrahmanda Kavach
- गायत्री मंत्रGayatri Mantra
- गुरु अष्टकम्Guru Ashtakam
- हिरण्यगर्भ सूक्तम्Hiranyagarbha Suktam
- इन्द्र सूक्तम्Indra Suktam
- कुबेर आरतीKuber Aarti
- कुबेर चालीसाKuber Chalisa
- कुबेर कवचKuber Kavach
- कुबेर अष्टकम्Kubera Ashtakam
- कुबेर स्तोत्रम्Kubera Stotram
- मित्र-वरुण सूक्तम्Mitra-Varuna Suktam
- नासदीय सूक्तम्Nasadiya Suktam
- निर्वाण अष्टकम्Nirvana Ashtakam
- ॐ जय जगदीश हरेOm Jai Jagdish Hare
- ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिःOm Shanti Shanti Shanti
- ओषधि सूक्तम्Oshadhi Suktam
- पृथ्वी सूक्तम्Prithvi Suktam
- शान्ति पाठ सूक्त — विस्तृतShanti Path Suktas — Expanded
- शान्ति सूक्तम्Shanti Suktam
- वायु अष्टकम्Vayu Ashtakam
- वायु सूक्तम्Vayu Suktam
- विश्वकर्मा आरतीVishwakarma Aarti
- विश्वकर्मा चालीसाVishwakarma Chalisa
- यमराज चालीसाYamraj Chalisa
अन्य देवता एवं श्रेणियाँ