मुरुगन मंत्रMurugan
भगवान मुरुगन, जिन्हें कार्तिकेय, सुब्रमण्य एवं स्कंद भी कहा जाता है, देव सेनाओं के सेनापति तथा वीरता एवं आध्यात्मिक ज्ञान के देवता हैं, जो विशेषकर दक्षिण भारत में प्रिय हैं। उनके जप साहस, विजय एवं स्पष्टता हेतु पढ़े जाते हैं। नीचे मुरुगन को समर्पित मंत्र एवं स्तोत्र प्रस्तुत हैं।
8 पाठ
- मुरुगन / सुब्रमण्य सुप्रभातम्Murugan / Subramanya Suprabhatam
- मुरुगन आरती (जय जय आरती वेणु गोपाला)Murugan Aarti (Jai Jai Aarti Venu Gopala)
- ॐ शरवणभवाय नमःOm Sharavanabhavaya Namah
- सुब्रह्मण्याष्टकम्Subramanya Ashtakam
- श्री सुब्रह्मण्य भुजङ्गम्Subramanya Bhujangam
- सुब्रह्मण्य चालीसाSubramanya Chalisa
- सुब्रह्मण्य हृदयम्Subramanya Hridayam
- सुब्रमण्य कवचSubramanya Kavach
अन्य देवता एवं श्रेणियाँ