Skip to main content
Chalisa

Bhuvaneshwari Chalisa

भुवनेश्वरी चालीसा

The Bhuvaneshwari Chalisa is a devotional hymn dedicated to Maa Bhuvaneshwari, one of the ten Mahavidyas, revered as Queen of the worlds, the spacious Mother of creation, and the cosmic power that contains, nourishes, and governs the universe. This structured version contains 1 opening doha, 40 chaupais, and 1 closing doha, totaling 42 verses.

देवता: Bhuvaneshwari
42 श्लोक
Traditional / Devotional Compilation
Friday · Purnima

भुवनेश्वरी चालीसा दस महाविद्याओं में से एक माँ भुवनेश्वरी को समर्पित भक्ति स्तोत्र है। वे भुवनों की अधिरानी, सृष्टि की व्यापक मातृशक्ति और ब्रह्मांड को धारण, पोषण और संचालित करने वाली शक्ति हैं। इस संरचित संस्करण में 1 आरंभिक दोहा, 40 चौपाइयाँ और 1 समापन दोहा है, कुल 42 पद।

doha opening
Verse 1

भुवनेश्वरी जगदम्बिका, त्रिभुवन की आधार। आकाश रूपिणी मातु तुम, करो कृपा अपार॥

bhuvaneśvarī jagadambikā, tribhuvana kī ādhāra. ākāśa rūpiṇī mātu tuma, karo kṛpā apāra.

अर्थ

हे भुवनेश्वरी जगदम्बिका, त्रिभुवन की आधार और आकाश रूपिणी माता, अपार कृपा करें।

Meaning

O Bhuvaneshwari, Mother of the universe and foundation of the three worlds, space-formed Mother, shower boundless grace.

chaupai
Verse 2

जय जय भुवनेश्वरी माता। जग की पालनहार विधाता॥

जय जय भुवनेश्वरी माता जग की पालनहार विधाता

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Mother Bhuvaneshwari, sustainer and ordainer of the world.

chaupai
Verse 3

त्रिभुवन में तुम शक्ति समाई। तुम बिन गति कोई न पाई॥

त्रिभुवन में तुम शक्ति समाई तुम बिन गति कोई न पाई

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Your Shakti pervades the three worlds; without you, nothing moves.

chaupai
Verse 4

आकाश समान विशाल तुम्हारा। हृदय दया का सागर प्यारा॥

आकाश समान विशाल तुम्हारा हृदय दया का सागर प्यारा

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

You are vast like space and tender like an ocean of compassion.

chaupai
Verse 5

लाल प्रभा तनु अति मनभावन। चन्द्र मुकुट शोभित सुहावन॥

लाल प्रभा तनु अति मनभावन चन्द्र मुकुट शोभित सुहावन

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Your red radiance is enchanting, crowned beautifully with the moon.

chaupai
Verse 6

पाश अंकुश वर अभय धारी। भक्तन भय हरने वाली॥

पाश अंकुश वर अभय धारी भक्तन भय हरने वाली

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

You hold noose, goad, boon, and fearlessness, removing devotees’ fear.

chaupai
Verse 7

भुवन भुवन में नाम तुम्हारा। सृष्टि धारण करनिहारा॥

भुवन भुवन में नाम तुम्हारा सृष्टि धारण करनिहारा

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Your name pervades every world as the holder of creation.

chaupai
Verse 8

माया महिमा तुमसे उपजे। तुमसे जीव जगत में सुझे॥

माया महिमा तुमसे उपजे तुमसे जीव जगत में सुझे

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Cosmic manifestation arises from you, and beings understand the world through you.

chaupai
Verse 9

दस महाविद्या मध्य विशाल। तुमसे जग का रूप कमाल॥

दस महाविद्या मध्य विशाल तुमसे जग का रूप कमाल

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Among the Mahavidyas, you are the vastness from which the world appears.

chaupai
Verse 10

चतुर्दिक तुम दिशा बनाती। काल देश को मार्ग दिखाती॥

चतुर्दिक तुम दिशा बनाती काल देश को मार्ग दिखाती

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

You create directions and guide time and space.

chaupai
Verse 11

हृदय में विस्तार बसाओ। छोटे भय सब दूर भगाओ॥

हृदय में विस्तार बसाओ छोटे भय सब दूर भगाओ

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Place spaciousness in the heart and remove petty fears.

chaupai
Verse 12

तुम गृह लक्ष्मी तुम कुल माता। तुमसे मिलते शुभ विधाता॥

तुम गृह लक्ष्मी तुम कुल माता तुमसे मिलते शुभ विधाता

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

You are household fortune and ancestral mother, giving auspicious destiny.

chaupai
Verse 13

भूधर नभ जल अग्नि पवन में। तुम्हरी शक्ति रहे कण-कण में॥

भूधर नभ जल अग्नि पवन में तुम्हरी शक्ति रहे कण-कण में

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Your power lives in earth, sky, water, fire, air, and every atom.

chaupai
Verse 14

राज्य दान और मान दिलाओ। सद्बुद्धि से शासन कराओ॥

राज्य दान और मान दिलाओ सद्बुद्धि से शासन कराओ

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Grant position and honor, and guide governance with good wisdom.

chaupai
Verse 15

अंतरिक्ष सी शांति उतारो। मन की भीड़ तुरत ही टारो॥

अंतरिक्ष सी शांति उतारो मन की भीड़ तुरत ही टारो

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Bring space-like peace and remove mental overcrowding.

chaupai
Verse 16

मातु तुम्हारी करुणा भारी। दीन दुखी की रखवाली॥

मातु तुम्हारी करुणा भारी दीन दुखी की रखवाली

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Your compassion is immense, protector of the distressed.

chaupai
Verse 17

जो नाम तुम्हारा नित गावै। गृह में मंगल ज्योति जगावै॥

जो नाम तुम्हारा नित गावै गृह में मंगल ज्योति जगावै

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Who sings your name daily lights auspiciousness in the home.

chaupai
Verse 18

वाणी में विस्तार तुम्हारा। शब्द बने कल्याण हमारा॥

वाणी में विस्तार तुम्हारा शब्द बने कल्याण हमारा

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Your spaciousness enters speech and makes words beneficial.

chaupai
Verse 19

बन्धन पाश स्वयं खोलो माता। मुक्ति मार्ग दिखलाओ त्राता॥

बन्धन पाश स्वयं खोलो माता मुक्ति मार्ग दिखलाओ त्राता

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Open the bonds yourself and show the path of liberation.

chaupai
Verse 20

अंकुश से मन राह लगाओ। भटके चित्त को पास बुलाओ॥

अंकुश से मन राह लगाओ भटके चित्त को पास बुलाओ

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Guide the mind with your goad and call wandering awareness back.

chaupai
Verse 21

रोग शोक संताप मिटाओ। जीवन में संतुलन लाओ॥

रोग शोक संताप मिटाओ जीवन में संतुलन लाओ

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Remove disease, sorrow, and distress; bring balance to life.

chaupai
Verse 22

दृष्टि तुम्हारी जब मुस्कावे। अभागा भी सौभाग्य पावे॥

दृष्टि तुम्हारी जब मुस्कावे अभागा भी सौभाग्य पावे

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

When your glance smiles, even the unfortunate gain fortune.

chaupai
Verse 23

गर्भ जगत का तुम विस्तार। सब रूपों की तुम आधार॥

गर्भ जगत का तुम विस्तार सब रूपों की तुम आधार

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

You are the womb-like expanse of the universe and foundation of all forms.

chaupai
Verse 24

नभ मंडल की ज्योति तुम्हारी। दिशि दिशि फैली महिमा न्यारी॥

नभ मंडल की ज्योति तुम्हारी दिशि दिशि फैली महिमा न्यारी

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Your radiance spreads through the sky and every direction.

chaupai
Verse 25

भय संकुचन दूर करीजै। हृदय आकाश निर्मल दीजै॥

भय संकुचन दूर करीजै हृदय आकाश निर्मल दीजै

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Remove fear’s contraction and give a pure heart-sky.

chaupai
Verse 26

धर्म अर्थ काम मोक्ष दानी। भुवनेश्वरी भवानी रानी॥

धर्म अर्थ काम मोक्ष दानी भुवनेश्वरी भवानी रानी

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

You grant dharma, artha, kama, and moksha, Queen Bhuvaneshwari.

chaupai
Verse 27

मंदिर मन में आसन दीजै। कृपा सुधा अब बरसा दीजै॥

मंदिर मन में आसन दीजै कृपा सुधा अब बरसा दीजै

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Take your seat in the mind-temple and shower nectar of grace.

chaupai
Verse 28

भक्त पुकारे मातु सुनो री। दूर करो सब चित की चोरी॥

भक्त पुकारे मातु सुनो री दूर करो सब चित की चोरी

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Hear the devotee’s call and remove distractions of the mind.

chaupai
Verse 29

साधक को व्यापकता देना। कठिन समय में धैर्य ही देना॥

साधक को व्यापकता देना कठिन समय में धैर्य ही देना

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Give expansiveness to seekers and patience in difficult times.

chaupai
Verse 30

माया में जो भ्रमित हो जावै। तुम सच का सूरज दिखलावै॥

माया में जो भ्रमित हो जावै तुम सच का सूरज दिखलावै

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

When one is lost in maya, show the sun of truth.

chaupai
Verse 31

ब्रह्माण्डों की अधिरानी। सब पर करो कृपा कल्याणी॥

ब्रह्माण्डों की अधिरानी सब पर करो कृपा कल्याणी

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Queen of galaxies and worlds, bless all, O auspicious one.

chaupai
Verse 32

पशु पक्षी नर नाग सुधारा। तुम सबमें चेतन उजियारा॥

पशु पक्षी नर नाग सुधारा तुम सबमें चेतन उजियारा

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Animals, birds, humans, serpents, all hold your conscious light.

chaupai
Verse 33

शरण तुम्हारी जो जन आवै। जीवन में विस्तार वह पावै॥

शरण तुम्हारी जो जन आवै जीवन में विस्तार वह पावै

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Whoever comes to your refuge receives spaciousness in life.

chaupai
Verse 34

तुमसे धरती अन्न उपजावे। तुमसे मेघ सुधा बरसावे॥

तुमसे धरती अन्न उपजावे तुमसे मेघ सुधा बरसावे

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

By you the earth yields grain; by you the clouds rain nectar.

chaupai
Verse 35

तुम कृपा से कुल उजियारा। तुमसे संतति सुख अपारा॥

तुम कृपा से कुल उजियारा तुमसे संतति सुख अपारा

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

By your grace the family shines and receives joy of continuity.

chaupai
Verse 36

आसन लाल चतुर्भुज नारी। मंगल करती भुवन विहारी॥

आसन लाल चतुर्भुज नारी मंगल करती भुवन विहारी

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Red-seated four-armed Mother, you bring auspiciousness to the worlds.

chaupai
Verse 37

शुभ संकल्प हृदय में जागे। अज्ञान तम सब पीछे भागे॥

शुभ संकल्प हृदय में जागे अज्ञान तम सब पीछे भागे

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Good intention awakens in the heart and ignorance flees.

chaupai
Verse 38

जो चालीसा प्रेम से गावै। भुवन सुखों का फल वह पावै॥

जो चालीसा प्रेम से गावै भुवन सुखों का फल वह पावै

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Who sings this Chalisa with love receives blessings across the worlds.

chaupai
Verse 39

मातु तुम्हारे चरण निहारूं। भव से पार सहज ही जाऊँ॥

मातु तुम्हारे चरण निहारूं भव से पार सहज ही जाऊँ

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

I behold your feet and cross the world with ease.

chaupai
Verse 40

अंत समय तुम स्मृति में आना। जगदम्बा निज धाम ले जाना॥

अंत समय तुम स्मृति में आना जगदम्बा निज धाम ले जाना

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

At the end, come into memory and take me to your abode.

chaupai
Verse 41

जय भुवनेश्वरी सुखकारी। रक्षा करो जगत महतारी॥

जय भुवनेश्वरी सुखकारी रक्षा करो जगत महतारी

अर्थ

यह पद भुवनेश्वरी माता के विश्व-आधार, करुणा, विस्तार और संरक्षण का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Bhuvaneshwari, giver of happiness; protect the world, Great Mother.

doha closing
Verse 42

भुवनेश्वरी मातु तुम, त्रिभुवन की सरकार। हृदय आकाश खोल दो, कर दो भव से पार॥

bhuvaneśvarī mātu tuma, tribhuvana kī sarakāra. hṛdaya ākāśa khola do, kara do bhava se pāra.

अर्थ

हे भुवनेश्वरी माता, त्रिभुवन की सरकार, हृदय-आकाश खोलकर हमें भव से पार करें।

Meaning

O Mother Bhuvaneshwari, sovereign of the three worlds, open the sky of the heart and carry us beyond worldly bondage.

Bhuvaneshwari Chalisa

Traditional / Devotional Compilation

0:00
0:00
साझा
🕉️

पाठ का सर्वोत्तम समय

FridayPurnimaNavratriDuring Bhuvaneshwari Jayanti or Mahavidya pujaMorning Devi worship
← सभी मंत्र और स्तोत्र

Community Reflections

🕉️

Be the first to share your reflection.