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Chalisa

Matangi Chalisa

मातंगी चालीसा

The Matangi Chalisa is a devotional hymn dedicated to Maa Matangi, one of the ten Mahavidyas, revered as Shyamala, the power of speech, music, art, learning, unconventional wisdom, and sacred expression. This structured version contains 1 opening doha, 40 chaupais, and 1 closing doha, totaling 42 verses.

देवता: Matangi
42 श्लोक
Traditional / Devotional Compilation
Wednesday · Thursday

मातंगी चालीसा दस महाविद्याओं में से एक माँ मातंगी को समर्पित भक्ति स्तोत्र है। वे श्यामला, वाणी, संगीत, कला, विद्या, अप्रचलित ज्ञान और पवित्र अभिव्यक्ति की शक्ति मानी जाती हैं। इस संरचित संस्करण में 1 आरंभिक दोहा, 40 चौपाइयाँ और 1 समापन दोहा है, कुल 42 पद।

doha opening
Verse 1

श्यामला मातंगी नमो, वाणी वीणा धार। उच्छिष्ट चाण्डालिनी माँ, दो कलात्मक सार॥

śyāmalā mātaṅgī namo, vāṇī vīṇā dhāra. ucchiṣṭa cāṇḍālinī māṁ, do kalātmaka sāra.

अर्थ

श्यामला मातंगी को नमस्कार, जो वाणी और वीणा धारण करती हैं। हे उच्छिष्ट चाण्डालिनी माँ, कलात्मक सार प्रदान करें।

Meaning

Salutations to Shyamala Matangi, bearer of speech and veena. O Mother of unconventional wisdom, grant the essence of art.

chaupai
Verse 2

जय जय मातंगी महारानी। श्यामला वाणी वरदानी॥

जय जय मातंगी महारानी श्यामला वाणी वरदानी

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Queen Matangi, Shyamala, giver of speech.

chaupai
Verse 3

वीणा पुस्तक कर में सोहै। संगीत सुधा मन को मोहै॥

वीणा पुस्तक कर में सोहै संगीत सुधा मन को मोहै

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Veena and book shine in your hands; music-nectar enchants the mind.

chaupai
Verse 4

तोता वाणी रहस्य सुनावै। मंत्र सुरों में भाव जगावै॥

तोता वाणी रहस्य सुनावै मंत्र सुरों में भाव जगावै

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

The parrot speaks the secret of speech, awakening feeling through mantra and melody.

chaupai
Verse 5

हरित श्याम तनु ज्योति तुम्हारी। कला ज्ञान की तुम अधिकारी॥

हरित श्याम तनु ज्योति तुम्हारी कला ज्ञान की तुम अधिकारी

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your green-dark radiance rules art and knowledge.

chaupai
Verse 6

उच्छिष्ट में भी सत्य दिखाओ। अपवित्र भाव को शुद्ध बनाओ॥

उच्छिष्ट में भी सत्य दिखाओ अपवित्र भाव को शुद्ध बनाओ

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Show truth even in the rejected and purify what is considered impure.

chaupai
Verse 7

दस महाविद्या मध्य सुहानी। अंत्यज ज्ञान की अधिरानी॥

दस महाविद्या मध्य सुहानी अंत्यज ज्ञान की अधिरानी

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Among the Mahavidyas, you are the queen of marginal wisdom.

chaupai
Verse 8

कटु वाणी को मधुर बनाओ। मूक हृदय को स्वर दिलाओ॥

कटु वाणी को मधुर बनाओ मूक हृदय को स्वर दिलाओ

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Make harsh speech sweet and give voice to silent hearts.

chaupai
Verse 9

कवि लेखक गायक ध्यावें। तुमसे शब्द सुधा बरसावें॥

कवि लेखक गायक ध्यावें तुमसे शब्द सुधा बरसावें

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Poets, writers, and singers meditate on you and receive nectarous words.

chaupai
Verse 10

सभा में मान प्रतिष्ठा देना। वाणी को सुचिन्तित कर देना॥

सभा में मान प्रतिष्ठा देना वाणी को सुचिन्तित कर देना

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Grant honor in assemblies and make speech thoughtful.

chaupai
Verse 11

तंत्री स्वर में भाव जगाओ। राग रागिनी में रस लाओ॥

तंत्री स्वर में भाव जगाओ राग रागिनी में रस लाओ

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Awaken feeling in strings and bring rasa into melody.

chaupai
Verse 12

शास्त्र तंत्र का ज्ञान तुम्हारा। गुप्त विद्या का दीप अपारा॥

शास्त्र तंत्र का ज्ञान तुम्हारा गुप्त विद्या का दीप अपारा

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your knowledge includes scripture, tantra, and hidden wisdom.

chaupai
Verse 13

दीन वंचित की तुम रखवाली। हाशिये की शक्ति निराली॥

दीन वंचित की तुम रखवाली हाशिये की शक्ति निराली

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

You protect the excluded and reveal the power of the margins.

chaupai
Verse 14

भाषा बोली सबमें बसती। लोकगीत में तुम ही हँसती॥

भाषा बोली सबमें बसती लोकगीत में तुम ही हँसती

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

You dwell in every language and smile in folk songs.

chaupai
Verse 15

शब्द ब्रह्म का बोध कराओ। नाद योग का पथ दिखलाओ॥

शब्द ब्रह्म का बोध कराओ नाद योग का पथ दिखलाओ

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Reveal the Word as Brahman and show the path of Nada Yoga.

chaupai
Verse 16

जिह्वा पर तुम आसन धरो। सत्य मधुर वाणी से भरो॥

जिह्वा पर तुम आसन धरो सत्य मधुर वाणी से भरो

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Take your seat on the tongue and fill speech with sweet truth.

chaupai
Verse 17

रंगमंच पर लाज बचाओ। कलाकार को तेज दिलाओ॥

रंगमंच पर लाज बचाओ कलाकार को तेज दिलाओ

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Protect performers and give radiance to artists.

chaupai
Verse 18

विद्यार्थी जो नाम जपें। स्मृति बुद्धि उज्ज्वल हो तपें॥

विद्यार्थी जो नाम जपें स्मृति बुद्धि उज्ज्वल हो तपें

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Students who chant your name receive bright memory and intellect.

chaupai
Verse 19

लेखनी में गति दे माता। विचार बने शुभ सुखदाता॥

लेखनी में गति दे माता विचार बने शुभ सुखदाता

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Give movement to the pen, Mother, and make thoughts beneficial.

chaupai
Verse 20

व्याकरण छंद अलंकार दाओ। काव्य सुधा अमृत बरसाओ॥

व्याकरण छंद अलंकार दाओ काव्य सुधा अमृत बरसाओ

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Grant grammar, metre, ornamentation, and nectar of poetry.

chaupai
Verse 21

क्रोध भरी भाषा रोक दो। संवादों में प्रेम संजो दो॥

क्रोध भरी भाषा रोक दो संवादों में प्रेम संजो दो

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Stop angry speech and place love in conversations.

chaupai
Verse 22

घर परिवार में मधुरता लाओ। भिन्न विचारों को मिलवाओ॥

घर परिवार में मधुरता लाओ भिन्न विचारों को मिलवाओ

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Bring sweetness into family and reconcile differing views.

chaupai
Verse 23

विवाद जाल से बाहर लाओ। सुनने की क्षमता सिखलाओ॥

विवाद जाल से बाहर लाओ सुनने की क्षमता सिखलाओ

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Lead us out of dispute and teach the ability to listen.

chaupai
Verse 24

गुरु वचन का मान बढ़ाओ। अहंकार शब्दों से हटाओ॥

गुरु वचन का मान बढ़ाओ अहंकार शब्दों से हटाओ

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Increase respect for the Guru’s word and remove ego from speech.

chaupai
Verse 25

उपेक्षित जन मुखर बनाओ। न्याय हेतु स्वर जगाओ॥

उपेक्षित जन मुखर बनाओ न्याय हेतु स्वर जगाओ

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Give voice to the neglected and awaken speech for justice.

chaupai
Verse 26

शुद्ध भाव से गीत जो गावे। मातंगी की कृपा वह पावे॥

शुद्ध भाव से गीत जो गावे मातंगी की कृपा वह पावे

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Who sings with pure feeling receives Matangi’s grace.

chaupai
Verse 27

भोजन शेष में भाव दिखाओ। अहं शुद्धि का पाठ पढ़ाओ॥

भोजन शेष में भाव दिखाओ अहं शुद्धि का पाठ पढ़ाओ

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Show sacred feeling even in leftovers and teach purification of ego.

chaupai
Verse 28

तुमसे संगीत सिद्धि होई। श्रुति लय ताल मिले सब कोई॥

तुमसे संगीत सिद्धि होई श्रुति लय ताल मिले सब कोई

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Through you musical accomplishment arises: pitch, rhythm, and beat align.

chaupai
Verse 29

साधक मन जब बिखर जाए। मातंगी ध्यान उसे जुटाए॥

साधक मन जब बिखर जाए मातंगी ध्यान उसे जुटाए

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

When the seeker’s mind scatters, Matangi meditation gathers it.

chaupai
Verse 30

दरिद्र वाणी समृद्ध बनाओ। भाषा में सौभाग्य जगाओ॥

दरिद्र वाणी समृद्ध बनाओ भाषा में सौभाग्य जगाओ

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Enrich impoverished speech and awaken fortune in language.

chaupai
Verse 31

प्रेम संवाद सदैव कराओ। कटु मौन को अर्थ दिलाओ॥

प्रेम संवाद सदैव कराओ कटु मौन को अर्थ दिलाओ

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Bring loving dialogue and meaning to bitter silence.

chaupai
Verse 32

विद्या की नदिया बहती। मातंगी कृपा से सुध रहती॥

विद्या की नदिया बहती मातंगी कृपा से सुध रहती

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

The river of learning flows clean through Matangi’s grace.

chaupai
Verse 33

राजसभा में विजय दिलाओ। सत्य वचन से मान बढ़ाओ॥

राजसभा में विजय दिलाओ सत्य वचन से मान बढ़ाओ

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Grant victory in royal assemblies through truthful speech.

chaupai
Verse 34

मंत्र जप में स्वर स्थिर होवे। नाद बिंदु में चित्त संजोवे॥

मंत्र जप में स्वर स्थिर होवे नाद बिंदु में चित्त संजोवे

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Make the voice steady in mantra and gather the mind in sound and point.

chaupai
Verse 35

नारी स्वर को बल दिलाना। सृजन शक्ति जग में फैलाना॥

नारी स्वर को बल दिलाना सृजन शक्ति जग में फैलाना

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Strengthen women’s voices and spread creative power.

chaupai
Verse 36

मातु तुम्हारी हरी छटा। कटे अज्ञान तमस की घटा॥

मातु तुम्हारी हरी छटा कटे अज्ञान तमस की घटा

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your green radiance cuts clouds of ignorance.

chaupai
Verse 37

जो चालीसा प्रेम से पढ़ता। वाणी दोष तुरत ही घटता॥

जो चालीसा प्रेम से पढ़ता वाणी दोष तुरत ही घटता

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Whoever reads this Chalisa with love reduces faults of speech.

chaupai
Verse 38

कलम कैमरा स्वर सब साधन। तुमसे पावें पुण्य आराधन॥

कलम कैमरा स्वर सब साधन तुमसे पावें पुण्य आराधन

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Pen, camera, and voice become sacred tools through you.

chaupai
Verse 39

अंत समय जब स्वर रुक जाए। नाम तुम्हारा मुक्त कराए॥

अंत समय जब स्वर रुक जाए नाम तुम्हारा मुक्त कराए

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

When the voice stops at the end, may your name liberate.

chaupai
Verse 40

भक्त तुम्हारे चरण निहारें। मातंगी दुख दोष निवारे॥

भक्त तुम्हारे चरण निहारें मातंगी दुख दोष निवारे

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your devotees behold your feet; Matangi removes sorrow and faults.

chaupai
Verse 41

जय श्यामला मातु भवानी। कला विद्या की वरदानी॥

जय श्यामला मातु भवानी कला विद्या की वरदानी

अर्थ

यह पद मातंगी माता की वाणी, संगीत, कला, संवाद और अप्रचलित ज्ञान की शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Shyamala Bhavani, giver of art and knowledge.

doha closing
Verse 42

मातंगी श्यामला कर, वाणी में विस्तार। सत्य मधुर स्वर दीजिए, कर दो जीवन सार॥

mātaṅgī śyāmalā kara, vāṇī meṁ vistāra. satya madhura svara dījie, kara do jīvana sāra.

अर्थ

हे श्यामला मातंगी, वाणी में विस्तार दें। सत्य मधुर स्वर देकर जीवन को सार्थक करें।

Meaning

O Shyamala Matangi, expand our speech. Give truthful sweet voice and make life meaningful.

Matangi Chalisa

Traditional / Devotional Compilation

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पाठ का सर्वोत्तम समय

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