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ॐ अनुग्रहप्रियाय नमः

अनुग्रहप्रियः

Anugrahapriyaḥ

Root: anugraha + priya

Devotion·भक्ति
Meaning

अर्थ

He who delights in bestowing grace, for whom the act of blessing devotees is itself a source of divine joy

कृपा प्रदान करने में आनन्द लेने वाले, जिनके लिए भक्तों को आशीर्वाद देने का कार्य स्वयं दिव्य आनन्द का स्रोत है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

अनुग्रह

grace, blessing, favour

अनुग्रह, कृपा, आशीर्वाद

प्रिय

dear, fond of, one who delights in

प्रिय, प्रसन्न होने वाला

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

अभाव, भावनात्मक उपेक्षा, या कठोर धार्मिक पालन-पोषण की पृष्ठभूमि वाले कई भक्त यह अचेतन विश्वास लेकर चलते हैं कि दिव्य से बहुत अधिक माँगना धृष्टतापूर्ण है, कि बार-बार की आवश्यकताओं से प्रभु अधीर हो जाएँगे। अनुग्रहप्रिय इस विश्वास को सीधे भंग करता है: प्रभु केवल माँगने को सहन नहीं करते बल्कि उसमें आनन्द लेते हैं। जैसे एक प्रेमपूर्ण माता-पिता जिनकी देने की असीमित क्षमता है, उस बच्चे को देने में आनन्द अनुभव करते हैं जो विश्वास और प्रेम से माँगता है, वैसे ही अय्यप्पा उस भक्त को आशीर्वाद देने के कार्य में दिव्य आनन्द अनुभव करते हैं जो सच्चाई से आता है। प्रार्थना वह उपहार है जो भक्त प्रभु को उनकी प्रकृति व्यक्त करने देकर देता है।

When to Chant

कब जपें

Chant with the understanding that asking for blessing gives the Lord pleasure. The prayer is not a burden on the Lord but a joy to Him. Asking is itself an act of devotion.

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