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ॐ नादप्रियाय नमः

नादप्रियः

Nādapriyaḥ

Root: nāda + priya

Devotion·भक्ति
Meaning

अर्थ

He who is fond of sacred sound, delighted by the vibrational offerings of chant, mantra, and devotional music

पवित्र ध्वनि से प्रेम करने वाले, जप, मन्त्र और भक्ति संगीत के कम्पनात्मक अर्पणों से प्रसन्न

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

नाद

sacred sound, resonant vibration

नाद, पवित्र ध्वनि, अनुगूँज

प्रिय

beloved, fond of

प्रिय, प्रसन्न होने वाला

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

नाद योग, पवित्र ध्वनि का योग, भारत के सबसे पुराने आध्यात्मिक अनुशासनों में से एक है। सारंगदेव का संगीत रत्नाकर, १३वीं शताब्दी में महाराष्ट्र में लिखा गया, पवित्र ध्वनि को मुक्ति से सीधे जोड़ता है: सही ध्यान के साथ सुनी गई सही ध्वनि मानसिक कंडीशनिंग को भंग कर सकती है। नादप्रिय के रूप में अय्यप्पा सभी ध्वनि अर्पण समान रूप से ग्रहण करते हैं: प्रशिक्षित कर्नाटक गायक की परिपूर्ण कृति, अप्रशिक्षित तीर्थयात्री का कठोर जप, बच्चे का बेसुरा गाना। जो प्रभु ध्वनि से प्रेम करते हैं वे ध्वनि की तकनीकी परिपूर्णता से अधिक उसके पीछे की ईमानदारी से प्रेम करते हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant before beginning any Ayyappa stotram, at the start of bhajan sessions, or when the collective chanting on the pilgrimage route reaches its fullest resonance.

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