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ॐ त्रिकालज्ञाय नमः

त्रिकालज्ञः

Trikālajñaḥ

Root: tri + kāla + jña

Wisdom·ज्ञान
Meaning

अर्थ

The knower of the three times, who sees with equal clarity what has been, what is, and what will be

तीनों कालों के ज्ञाता, जो जो था, जो है और जो होगा उसे समान स्पष्टता से देखते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

त्रि

three

तीन

काल

time, the three times

काल, तीनों काल

ज्ञ

knower

ज्ञाता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

त्रिकालज्ञ सर्वज्ञता (सर्वज्ञ, नाम 61) को कालिक आयाम में विस्तारित करता है: दत्तात्रेय पूर्ण स्पष्टता के साथ तीनों काल जानते हैं। यह वह शक्ति है जो गुरु के मार्गदर्शन को विश्वसनीय बनाती है: वे न केवल वर्तमान जानकारी के आधार पर बल्कि अतीत के कारण और भविष्य के परिणाम के ज्ञान के साथ सलाह देते हैं। महाभारत में व्यास को त्रिकालज्ञ बताया गया है। त्रिकालज्ञ दत्तात्रेय भक्तों को यह समझने में सक्षम बनाते हैं कि अतीत क्यों ऐसे हुआ, वर्तमान क्या माँगता है और भविष्य क्या रखता है।

When to Chant

कब जपें

Chant when seeking guidance about past karma, present action, or future direction, or in Jyotisha consultation when asking Dattatreya to illuminate the time-pattern of a life.

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