Skip to main content
203

ॐ प्रज्ञाप्रदाय नमः

प्रज्ञाप्रदः

Prajñāpradaḥ

Root: prajñā + prada

Wisdom·ज्ञान
Meaning

अर्थ

The bestower of transcendent wisdom, who gives the direct insight that cannot be acquired through study or reasoning alone

पारलौकिक प्रज्ञा के दाता, जो वह प्रत्यक्ष अन्तर्दृष्टि देते हैं जो केवल अध्ययन या तर्क से नहीं मिल सकती

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

प्रज्ञा

transcendent wisdom, direct insight

प्रज्ञा, पारमार्थिक बुद्धि

प्रद

bestower, giver

दाता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

प्रज्ञाप्रद दत्तात्रेय को प्रज्ञा के दाता नाम देता है: वह पारलौकिक बुद्धि जो गुणात्मक रूप से सभी संचित ज्ञान से भिन्न है। माण्डूक्य उपनिषद् में प्रज्ञा को गहरी निद्रावस्था से अभिज्ञात किया गया है। प्रज्ञा के उच्चतर अर्थ में यह ज्ञानी ऋषि की प्रत्यक्ष अन्तर्दृष्टि है: वास्तविकता के बारे में ज्ञान नहीं बल्कि वास्तविकता के रूप में ज्ञान। बौद्ध परम्पराएँ भी 'प्रज्ञा' को अपनी सर्वोच्च ज्ञान श्रेणी के रूप में उपयोग करती हैं। प्रज्ञाप्रद दत्तात्रेय वह देवता हैं जो वह अन्तर्दृष्टि दे सकते हैं जो कोई शिक्षक, कोई ग्रन्थ और ध्यान अभ्यास अकेले नहीं दे सकते।

When to Chant

कब जपें

Chant when intellectual understanding reaches its limit and a deeper knowing is needed, in intensive Vedanta sadhana, or when asking the guru to transmit beyond words what words cannot contain.

← → arrow keys to navigate