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ॐ पुराणज्ञाय नमः

पुराणज्ञः

Purāṇajñaḥ

Root: purāṇa + jña

Knowledge·विद्या
Meaning

अर्थ

The knower of all Puranas, who understands the entire Puranic cosmos of mythology, cosmology, and devotional teaching

समस्त पुराणों के ज्ञाता, जो पौराणिक कथाओं, ब्रह्माण्ड-विज्ञान और भक्ति शिक्षाओं के सम्पूर्ण पौराणिक ब्रह्माण्ड को समझते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

पुराण

the Puranas, the ancient narratives

पुराण

ज्ञ

knower

ज्ञाता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

पुराणज्ञ दत्तात्रेय को समस्त पुराणों के ज्ञाता नाम देता है, ब्रह्माण्डीय पौराणिक कथाओं, इतिहास और भक्ति धर्मशास्त्र के अट्ठारह प्रमुख संकलन जो भारत का लोकप्रिय धार्मिक साहित्य बनाते हैं। दत्तात्रेय कई पुराणों में प्रकट होते हैं: भागवत (एकादश स्कन्ध), स्कन्द पुराण (यह सहस्रनाम), मार्कण्डेय पुराण। भारत की जीवन्त परम्परा में महाराष्ट्र, कर्नाटक और आन्ध्र में कथा (पौराणिक कहानी-कहन) प्रदर्शन इन ग्रन्थों को जीवित रखते हैं। पुराणज्ञ दत्तात्रेय पुराणों के भीतर पात्र और उनमें जो कुछ भी है उसके ज्ञाता दोनों हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant when studying the Puranas, particularly the Skanda Purana (which contains this Sahasranama) or the Bhagavata Purana (which contains the 24-guru teaching).

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