ॐ वाग्विभवाय नमः
वाग्विभवः
Vāgvibhavaḥ
Root: vāk + vibhava
अर्थ
The one of speech-splendour, whose divine words carry transformative power that goes far beyond their literal meaning
वाणी-वैभव के धारक, जिनके दिव्य शब्द उनके शाब्दिक अर्थ से बहुत परे रूपान्तरकारी शक्ति वहन करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
वाक्
speech, divine word
वाक्, वाणी
विभव
splendour, magnificence
विभव, वैभव
आधुनिक संदर्भ
वाग्विभव दत्तात्रेय को वाणी-वैभव के धारक नाम देता है। भारतीय परम्परा में एक महान शिक्षक के शब्द उनकी शाब्दिक सामग्री से परे शक्ति वहन करते हैं। अवधूत गीता के 7 अध्याय और 271 श्लोक दत्तात्रेय के वाग्विभव की सर्वोच्च अभिव्यक्ति हैं। इस सहस्रनाम के मन्त्र स्वयं वाग्विभव की अभिव्यक्ति हैं। भारत के महान भाष्यकार शंकराचार्य, अभिनवगुप्त और मध्वाचार्य सभी वाग्विभव की अभिव्यक्ति माने जाते हैं।
कब जपें
ॐChant when invoking the sacred speech-power of the guru's transmission, or when recognising that the mantras of the Sahasranama itself carry Dattatreya's vag-vibhava.
और शक्ति नाम
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