ॐ भूतभव्यभविष्यज्ञाय नमः
भूतभव्यभविष्यज्ञः
Bhūtabhavyabhaviṣyajñaḥ
Root: bhūta + bhavya + bhaviṣya + jña
अर्थ
The knower of past, future, and what will come, whose omniscience encompasses all three dimensions of time simultaneously in a single undivided awareness
भूत, भविष्य और होने वाले के ज्ञाता, जिनकी सर्वज्ञता एक एकल अखण्डित जागरूकता में एक साथ समय के तीनों आयामों को समेटती है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
भूत
past
भूत
भव्य
future
भव्य
भविष्य
what is to come
भविष्य
ज्ञ
knower
ज्ञाता
आधुनिक संदर्भ
भूतभव्यभविष्यज्ञ भूतभव्यभवत्प्रभु (नाम 318) की प्रतिध्वनि करता है लेकिन 'प्रभु' से 'ज्ञ' में स्थानान्तरित होता है। भारत की ज्योतिष परम्परा इसी त्रि-काल ज्ञान पर निर्मित है: ज्योतिषी ग्रह स्थितियों के माध्यम से भूत-भव्य-भविष्य तक पहुँचने का प्रयास करता है। दत्तात्रेय भूतभव्यभविष्यज्ञ के रूप में यह कालिक सर्वज्ञता सीधे रखते हैं। गुरु चरित्र में नृसिंह सरस्वती को कई बार भक्तों के पूछने से पहले ही जानते हुए वर्णित किया गया है।
कब जपें
ॐChant when seeking guidance through confusion about past, present, or future, trusting that Dattatreya's triple-time omniscience sees the complete picture.
और विद्या नाम
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