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ॐ अकिञ्चनाय नमः

अकिञ्चनः

Akiñcanaḥ

Root: a + kiñcana

Liberation·मोक्ष
Meaning

अर्थ

The one who possesses nothing, the supreme renunciant for whom all of creation is both nothing and everything

जिनके पास कुछ भी नहीं, वह परम विरागी जिनके लिए सम्पूर्ण सृष्टि एक साथ कुछ नहीं और सब कुछ है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

not, without

बिना

किञ्चन

anything, some possession

कुछ भी, कोई सम्पत्ति

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

अकिञ्चन दत्तात्रेय की मूलगामी अपरिग्रहता का उत्सव मनाता है, जो गरीबी से भिन्न है। गरीबी वस्तुओं का अनचाहा अभाव है; अकिञ्चन वस्तुओं से चुनी हुई स्वतन्त्रता है। वह अवधूत जो बिना कुछ लिए घूमता है, एक अर्थ में सब कुछ का मालिक है क्योंकि उससे कुछ भी नहीं छीना जा सकता जिसके पास खोने के लिए कुछ नहीं। भागवत पुराण (एकादश स्कन्ध) में दत्तात्रेय अजगर को अपने गुरुओं में से एक ठीक इसी गुण के लिए नाम देते हैं। बेंगलुरु और पुणे के शहरों में न्यूनतावादी जीवन-शैली आन्दोलन अकिञ्चन के इसी प्राचीन सिद्धान्त की प्रतिध्वनि है।

When to Chant

कब जपें

Chant when practising or aspiring to the virtue of aparigraha (non-possessiveness), during times of voluntary simplicity, or when possessions feel like burdens rather than blessings.

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