ॐ नारायण्यै नमः
नारायणी
Nārāyaṇī
Root: nārāyaṇa + ī
अर्थ
The feminine śakti of Nārāyaṇa; she who is Viṣṇu's own power and who serves as the ultimate shelter of all beings
नारायण की परम शक्ति - जो विष्णु की ऊर्जा का दिव्य स्त्री-स्वरूप हैं और समस्त प्राणियों की परम शरण हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
नारायण
Viṣṇu; he who is the refuge of beings (nāra = beings, ayana = refuge)
विष्णु; प्राणियों का आश्रय
ई
feminine suffix indicating the śakti or goddess form
स्त्रीलिंग प्रत्यय - शक्ति-स्वरूप
आधुनिक संदर्भ
देवी माहात्म्य में बार-बार 'नारायण्यै नमः' का उच्चारण इस सत्य की पुष्टि करता है कि शक्ति और विष्णु की ऊर्जा अलग नहीं हैं। तमिलनाडु, आन्ध्र और कर्नाटक में जहाँ वैष्णव और शाक्त परम्पराएँ परिवार के जीवन में साथ-साथ चलती हैं - 'नारायणी' वह नाम है जो सब को एक बताता है।
कब जपें
ॐChant during Viṣṇu and Lakṣmī pūjā, Ekādaśī vrat, and Satyanārāyaṇa Kathā. This name beautifully bridges Śākta and Vaiṣṇava traditions. Praised repeatedly in the Devī Māhātmya.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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