ॐ सर्वलोकचारकाय नमः
सर्वलोकचारक
Sarvalokacārakāya
Root: sarva (all) + loka (world) + cāraka (mover, impeller, one who causes to move)
अर्थ
The cosmic mover who sets all worlds into motion
सम्पूर्ण लोकों को गतिमान करने वाले, सृष्टि-चक्र के संचालक
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सभी
लोक
world, realm
लोक, संसार
चारक
mover, impeller, operator
चलाने वाला, संचालक
आधुनिक संदर्भ
हनुमान जी वह शक्ति हैं जो सृष्टि के चक्र को गतिमान रखती है। जब जीवन ठहरा हुआ लगे, करियर में stagnation हो, या पढ़ाई में आगे बढ़ने का मन न करे, सर्वलोकचारक हनुमान गतिशीलता लौटाते हैं। ISRO के उपग्रह जो पृथ्वी की कक्षा में घूमते हैं, वे भी इसी ब्रह्माण्डीय गति का अंश हैं।
कब जपें
ॐChant when feeling stuck, during career stagnation, or when life lacks momentum. Effective on Tuesday mornings to energize the week.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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