ॐ सर्वलोकोपजीव्याय नमः
सर्वलोकोपजीव्य
Sarvalokopajīvyāya
Root: sarva (all) + loka (world) + upajīvya (to be lived upon, source of sustenance)
अर्थ
The one upon whom all worlds depend for their very sustenance
सम्पूर्ण लोकों के जीवन-आधार, जिन पर सारी सृष्टि निर्भर है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सभी
लोक
world
लोक, संसार
उपजीव्य
source of sustenance, to be depended upon
जीवन-आधार, निर्भरता का स्रोत
आधुनिक संदर्भ
जैसे सूर्य के बिना पृथ्वी पर जीवन असम्भव है, वैसे हनुमान के बिना भक्तों का जीवन अधूरा है। जो किसान अन्न उगाता है वह गाँव का सर्वलोकोपजीव्य है। जो शिक्षक पूरी पीढ़ी को पढ़ाता है, जो डॉक्टर पूरे गाँव का इलाज करता है, सब उपजीव्य हैं। किसान दिवस (23 दिसम्बर) पर अन्नदाता को सम्मानित करते हुए यह नाम जपें।
कब जपें
ॐChant on Kisan Diwas, when honouring those who sustain communities, or when recognizing your role as someone others depend upon.
और सृष्टि नाम
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